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Republic Day 2023 Speech: गणतंत्र दिवस पर सबसे बेस्ट स्पीच

  • Authored by: अंकिता पाण्डेय
  • Updated Jan 26, 2023, 05:45 AM IST

Republic Day Speech in Hindi 2023, Gantantra Diwas Speech, Bhashan, Essay: 26 जनवरी को देश 74वां गणतंत्र द‍िवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर जगह जगह पर भाषण का आयोजन किया जाता है। अगर आप भी इस खास मौके पर भाषण देने जा रहे हैं तो यहां से इसकी तैयारी कर सकते हैं।

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Republic Day 2023

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Republic Day Speech in Hindi 2023, Gantantra Diwas Speech, Bhashan, Essay: देशभर में गणतंत्र द‍िवस के मौके पर तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस खास अवसर पर स्‍कूल और कॉलेज में भाषण का आयोजन भी किया जाता है। अगर आप भी भारत के 74वें गणतंत्र द‍िवस पर भाषण देने जा रहे हैं तो अपने भाषण में यहां दी गई बातों को जरूर शामिल करें। ध्यान रखें कि गणतंत्र दिवस की स्पीच रटी हुई नहीं लगनी चाहिए। स्पीच के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें और लोगों से नजरे मिलाकर अपनी बात रखें। इससे भाषण सुनने वालों को भी अच्छा लगेगा।

ऐसे करें शुरुआत

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाक़ी निशाँ होगा! यहाँ उपस्थित सभी मंचासीन अतिथिगण, प्रधानाचार्य , शिक्षक और विद्यार्थियों को प्रणाम करती हूँ और साथ ही साथ गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं प्रेषित करती हूँ। गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर मुझे भी अपने विचार व्यक्त करने का मौका मिला इसका में आभार व्यक्त करती हूँ।

क्या होता है खास

दोस्तों आज हम सभी अपने देश के गणतंत्र दिवस की 74 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। गणतंत्र दिवस देश का प्रमुख राष्ट्रीय पर्व है। साथ ही यह देश की स्वतंत्रता अखंडता और अस्मिता का प्रतीक भी है। आज के दिन लाल क़िले पर भारतीय तिरंगा बड़े शान के साथ लहराया जाता है और अतिथि के तौर पर किसी दूसरे देश के राष्ट्र प्रमुख और सम्मानित व्यक्ति को बुलाया जाता है। शहरों में गांवों में स्कूलों और कार्यालयों में बड़े धूमधाम के साथ इस पर्व को मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस मनाने की वजह

लंबे समय तक अंग्रेजों के शासन में रहने के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत ने अपनी स्वतंत्रता का सूरज देखा तो साथ ही देश के तत्कालीन लोगों के समक्ष सबसे बड़ा प्रश्न यह था कि देश का शासन कैसे चलाया जाए। चूँकि लोकतंत्र का अर्थ होता है जनता का शासन जनता के लिए जनता के द्वारा। इस अर्थ को पूर्णता तभी मिल सकती थी जब देश का संचालन देश के लोगों द्वारा बनाए गए नियमों और कानूनों से हो। इन्हीं नियमों और कानूनों को बनाने के लिए संविधान सभा का गठन किया गया जिसने दो साल ग्यारह माह 18 दिन में देश का संविधान बनाकर तैयार कर दिया। 26 जनवरी 1950 को यह संविधान देश में पूरी तरह से लागू कर दिया गया। इसलिए हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारतीय संविधान के तीन स्तंभ

किसी भी देश को चलाने के लिए कुछ विशेष नियमों -कानूनों और निर्देशों की आवश्यकता होती है। भारतीय संविधान में देश को चलाने के लिए तीन स्तंभों कार्यपालिका, व्यवस्थापिका और न्यायपालिका की व्यवस्था की गई है। सभी स्तंभ एक दूसरे के साथ जुड़े होने के साथ साथ स्वतंत्र भी है। नियमों और कर्तव्यों की इस व्यवस्था को देश में 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया, जिससे यह देश संचालित हो रहा है।

अंकिता पांडे
अंकिता पाण्डेय author

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वव... और देखें

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