Republic Day 2025: देश इस साल 26 जनवरी को अपना 76वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवस देश का प्रमुख राष्ट्रीय पर्व है। यह देश की स्वतंत्रता, अखंडता और अस्मिता का प्रतीक भी है। गणतंत्र दिवस के अवसर राष्ट्रपति राजपथ पर झंडा फहराते हैं। साथ ही सैनिकों, अर्धसैनिक बलों आदि की लंबी परेड होती है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि देश को गणतंत्र घोषित करने के लिए 26 जनवरी की तारीख क्यों चुनी गई? अगर नहीं पता तो चलिए आज हम आपको बताते हैं।
Republic Day 2025 Facts: संविधान की जरूरत
अगर हम इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो पाएंगे कि लोगों को देश के अपने संविधान की जरूरत कहीं पहले नजर आ गई थी। संविधान सभा की मांग पहली बार साल 1895 में बाल गंगाधरतिलक ने उठाई थी। 1928 की नेहरू रिपोर्ट, 1935 का भारत शासन अधिनियम और कई अन्य दस्तावेजों ने भी संविधान की आवश्यकता को रेखांकित किया था। फिर 1925 में महात्मा गांधी की अध्यक्षता में कामनवेल्थ ऑफ इण्डिया बिल प्रस्तुत किया गया। यह भारत के लिए संवैधानिक प्रणाली की रूपरेखा प्रस्तुत करने का पहला प्रयास था।
Gantantra Diwas 2025: संविधान सभा की स्थापना
देश के नियमों और कानूनों को बनाने के लिए 6 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की स्थापना हुई। इस सभा ने दो साल ग्यारह महीने और 18 दिन में देश का संविधान बनाकर तैयार कर दिया। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को स्वीकार किया और उसके कुछ धाराओं को लागू भी किया गया। भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो चुका था। हालांकि, 26 जनवरी की महत्ता को देखते हुए 1950 में इसी दिन संविधान लागू किया गया।
Republic Day 2025 History: क्यों खास थी ये तारीख
दरअसल, 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव लागू होने की इस तारीख को महत्व देने के लिए संविधान लागू करने के लिए यह दिन चुना गया था। 26 जनवरी 1950 को संविधान देश में पूरी तरह से लागू कर दिया गया। इस वजह से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
