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CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग और तीन-भाषा फॉर्मूले की होगी समीक्षा, संसदीय समिति के सामने पेश होंगे शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड के अधिकारी

सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और कक्षा 9 में तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर उठे विवाद अब संसद तक पहुंच गए हैं। इन मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद की स्थायी समिति (शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल) की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित होगी। बै

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CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग और तीन-भाषा फॉर्मूले की होगी समीक्षा

सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और कक्षा 9 में तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर उठे विवाद अब संसद तक पहुंच गए हैं। इन मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद की स्थायी समिति (शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल) की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित होगी। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया गया है। संसदीय समिति की यह बैठक काफी अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली, छात्रों की शिकायतों और नई भाषा नीति जैसे मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बैठक के बाद समिति अपनी सिफारिशें भी दे सकती है, जिनका असर आने वाले समय में सीबीएसई की नीतियों और परीक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।

समिति की अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार और सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह से ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़े सवालों पर जवाब मांगा जाएगा। समिति विशेष रूप से यह जानना चाहती है कि 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ा और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

दरअसल, इस वर्ष सीबीएसई ने बड़े स्तर पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू की थी। परिणाम आने के बाद देशभर के कई छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने कम अंक मिलने, तकनीकी गड़बड़ियों और री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। छात्र संगठनों और ऑनलाइन मंचों पर OSM प्रणाली को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिली।

बैठक का दूसरा बड़ा एजेंडा कक्षा 9 और 10 में तीन-भाषा फॉर्मूले का क्रियान्वयन है। सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 9 से तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने का निर्णय लिया है, जिसमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी। इस फैसले को लेकर कई राज्यों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच चर्चा और बहस जारी है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि नई प्रणाली में कुछ तकनीकी और प्रक्रियागत विसंगतियां सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए बोर्ड और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समीक्षा की जा रही है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया था कि छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जहां आवश्यकता होगी वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

(ANI इनपुट के साथ)

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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