एजुकेशन

NEET UG 2026: 70 साल से ऊपर के लोग भी दे रहे नीट, आयु और अटेम्प्ट लिमिट पर विचार की सिफारिश

NEET UG Exam: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है। संसदीय समिति ने नीट यूजी समेत प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्र और प्रयासों की उचित सीमा तय करने की संभावनाओं पर विचार करने की सिफारिश की है।

Image

नीट यूजी परीक्षा में बड़े स्तर पर सुधारों की सिफारिश

NEET UG Exam: भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को लेकर बड़े बदलावों की सिफारिश की गई है। अगर ये सिफारिशें लागू हुईं तो अगले साल यानी 2027 से नीट परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है। संसदीय समिति ने नीट यूजी समेत प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्र और प्रयासों की उचित सीमा तय करने की संभावनाओं पर विचार करने की सिफारिश की है। शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधारों को लेकर अपनी 382वीं रिपोर्ट पेश की है। फिलहाल नीट यूजी में अधिकतम आयु सीमा और परीक्षा में शामिल होने के प्रयासों की कोई तय सीमा नहीं है। इसी वजह से 70 साल से अधिक उम्र के उम्मीदवार भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। नीट यूजी 2026 में 71 वर्षीय अशोक बहारा के शामिल होने का मामला भी सामने आया है।

पहले भी लागू हुई थी आयु सीमा

नीट में पहले भी उम्र और प्रयासों को लेकर प्रतिबंध लगाए गए थे। वर्ष 2017 में अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 25 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 30 वर्ष तय की गई थी। साथ ही परीक्षा में शामिल होने के अधिकतम तीन प्रयासों का प्रावधान भी किया गया था। हालांकि, कानूनी विवाद के बाद आयु सीमा से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ। मार्च 2022 में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने नीट यूजी से अधिकतम आयु सीमा हटा दी थी।

शिक्षा मंत्रालय को दी गई सिफारिश

राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर उम्र और प्रयासों की उचित सीमा तय करने की संभावनाओं पर विचार करना चाहिए। हालांकि, यह अभी एक सिफारिश है। सरकार की ओर से इसे लागू करने का कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

CBT मोड की सिफारिश

संसदीय समिति ने नीट यूजी को पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT मोड में बदलने की भी सिफारिश की है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के स्वामित्व वाले सुरक्षित परीक्षा केंद्र विकसित करने पर जोर दिया गया है। समिति का सुझाव है कि हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र बनाया जाए, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इसके अलावा, प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका कम करने के लिए प्रश्न बैंक को मजबूत करने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की जवाबदेही बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article