कोझिकोड: भारतीय प्रबंधन संस्थान कोझिकोड (आईआईएम कोझिकोड) ने कामकाजी पेशेवरों के लिए अपने दो साल के एमबीए प्रोग्राम, 'एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम' (ईपीजीपी) के 19वें बैच के लिए दाखिले शुरू कर दिए हैं। इस घोषणा के साथ, संस्थान ने कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। यह प्रोग्राम किताबी ज्ञान और व्यावहारिक समझ का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो वैश्विक मानकों और उद्योगों की बदलती जरूरतों को पूरा करता है।
19वें बैच के लिए आवेदन
आईआईएम कोझिकोड ने एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान आधिकारिक तौर पर 19वें बैच के लिए एडमिशन शुरू करने की घोषणा की। इस अवसर पर आईआईएम कोझिकोड के डायरेक्टर, प्रोफेसर देबाशीष चैटर्जी ने भविष्य के लीडर्स तैयार करने में इस प्रोग्राम की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह प्रोग्राम विविधता को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है, खासकर इसमें महिलाओं की भागीदारी काफी अधिक रहती है। उन्होंने आज के दौर में आधुनिक मैनेजमेंट प्रणाली में डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों को सीखने की जरूरत पर भी ध्यान दिलाया।
इस मौके पर आईआईएम कोझिकोड के डायरेक्टर, प्रोफेसर देबाशीष चैटर्जी ने कहा, “हमारा ईपीजीपी प्रोग्राम अलग-अलग क्षेत्रों और अनुभवों वाले पेशेवरों को एक साथ लाता है, जिससे सभी को एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हम ऐसे मैनेजर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो तकनीक और दुनिया की समझ रखते हों, समाज के प्रति जागरूक हों और तेजी से बदलती बिजनेस की दुनिया में सूझ-बूझ और सही मकसद के साथ नेतृत्व कर सकें।”
18वें बैच ने रचा इतिहास
पिछले साल, 18वें बैच ने आईआईएम कोझिकोड के एग्जीक्यूटिव एजुकेशन के सफर में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। 672 छात्रों के साथ यह संस्थान के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा एग्जीक्यूटिव एमबीए बैच रहा। इसमें महिलाओं की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत रही, जो अब तक की सबसे अधिक भागीदारी है। इस बैच में निजी क्षेत्र, सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के वरिष्ठ पेशेवरों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इसमें आईटी, कंसल्टिंग, बीएफएसआई, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल्स, ऊर्जा, कानूनी सेवाओं और एयरोस्पेस जैसे कई उद्योगों के लोग शामिल थे। इन प्रतिभागियों के पास 3 साल से लेकर 20 साल से ज्यादा का प्रोफेशनल अनुभव था।
लीडरशिप और करियर को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया गया यह ईपीजीपी प्रोग्राम, ऑनलाइन पढ़ाई और कैंपस के अनुभव का एक बेहतरीन मेल है। दो साल के इस कोर्स में छात्र अपने शहर के केंद्रों से ऑनलाइन जुड़ सकते हैं और साथ ही कैंपस में आकर भी पढ़ सकते हैं। 750 से अधिक घंटों की पढ़ाई के साथ, यह प्रोग्राम बिजनेस की बुनियादी समझ को मजबूत करता है और रणनीतिक सोच को तेज करता है। यह पाठ्यक्रम पेशेवरों को आर्थिक बदलावों, नई तकनीक और बाजार की बदलती हकीकत से निपटने के लिए भी तैयार करता है।
पहले साल के दौरान, छात्र चार तिमाहियों में मैनेजमेंट की बुनियादी बातें सीखते हैं, जिसमें फाइनेंस एवं अकाउंटिंग, डिसीजन साइंसेज, ऑपरेशंस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, स्ट्रैटेजी, एचआर, संस्थागत व्यवहार, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज, लिबरल आर्ट्स एवं मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल होते हैं।
कैसा है प्रोग्राम का स्वरूप
दूसरे साल में यह प्रोग्राम तीन सेमेस्टर के एडवांस्ड स्टडी में आगे बढ़ता है। इसमें छात्रों को बहुत सारे इलेक्टिव सब्जेक्ट्स चुनने की आजादी मिलती है। इनमें कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बिजनेस के लिए AI, जेनरेटिव AI, रिस्पॉन्सिबल AI, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन, ‘मैनेजरियल एक्सीलेंस का मानचित्र: भगवद गीता से अंतर्दृष्टि’, स्टोरी टेलिंग आर्टिस्ट्री, कर्म योग के माध्यम से कॉर्पोरेट वेलनेस, लीडरशिप और चेंज मैनेजमेंट, इंटरनेशनल बिजनेस, बिजनेस सिमुलेशन और अन्य विशेष विषय शामिल हैं।
यह प्रोग्राम एक इंटरैक्टिव लर्निंग (आईएल) प्लेटफॉर्म के जरिए चलाया जाता है। इसमें पढ़ाने के लिए लेक्चर, केस स्टडीज, रिसर्च पेपर, सिमुलेशन, असाइनमेंट, प्रेजेंटेशन और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मास्टरक्लास जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। छात्रों को संस्थान के स्टार्टअप सेंटर 'आईआईएमके लाइव' के जरिए बिजनेस शुरू करने और नए आइडियाज़ पर काम करने का मौका भी मिलता है। इसके अलावा, दो साल के दौरान छात्रों को तीन बार एक-एक हफ्ते के लिए कैंपस बुलाया जाता है और उनके पास विदेश जाकर वहां के बाजार और बिजनेस के तौर-तरीकों को समझने का विकल्प (इंटरनेशनल इमर्शन) भी होता है।
कैसे मिलेगा दाखिला
इस प्रोग्राम में दाखिला एक सख्त प्रक्रिया के जरिए होता है, जिसमें 'एग्जीक्यटिव मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट' (ईमैट) और पर्सनल इंटरव्यू शामिल है। उम्मीदवार ईमैट की जगह अपने कैट, जीआरई या जीमैट के स्कोर भी दे सकते हैं, बशर्ते वे स्कोर 3 साल से पुराने न हों। कोर्स पूरा होने के बाद, प्रतिभागियों को आईआईएम कोझिकोड के एलुमिनी का दर्जा मिलता है और वे संस्थान के 15,000 से ज्यादा पेशेवरों के नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं।
