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Success Story: बिजनेस कोचिंग की दुनिया में कमाया नाम, फैशन डिजाइनर हर्षद ने ऐसे पाया मुकाम

Harshzad Kondakamarla Success Story: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के एक छोटे से गांव खानकाल से निकलकर फैशन और बिजनेस कोच के रूप में नाम कमाने वाले हर्षद कोंडाकामारला की कहानी काफी प्रेरणा देने वाली है।

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Harshzad Kondakamarla Success Story

Harshzad Kondakamarla Success Story: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के एक छोटे से गांव खानकाल से निकलकर फैशन और बिजनेस कोच के रूप में नाम कमाने वाले हर्षद कोंडाकामारला की कहानी काफी प्रेरणा देने वाली है। उन्होंने कई इंटरनेशनल ब्रांड्स के लिए डिजाइनिंग का काम किया। शॉपर्स स्टॉप, पैंटालून्स, लाइफस्टाइल जैसे कई ब्रांड्स के साथ वह विजुअल मर्चेंडाइजिंग और रिटेल डिजाइन में अपना टैलेंट दिखा चुके हैं। उनकी कहानी उन युवाओं को प्रभावित करती है जो छाेटी जगहों से आकर बड़े सपने देखते हैं।

कहां से ली फैशन डिजाइनिंग की शिक्षा

हर्षद कोंडाकामारला की शुरुआती पढ़ाई विद्या गिरी, प्रशांति निलयम, पुट्टपर्थी से हुई है। उन्होंने 10वीं और 12वीं वाणी जूनियर कॉलेज (वाग्देवी), मदनपल्ले से पूरी की। उन्हें फैशन का कीड़ा बचपन से ही था, इसलिए NIFT हैदराबाद से फैशन डिजाइनिंग की डिग्री ली और उस्मानिया यूनिवर्सिटी से BA आर्ट्स किया। फैशन की दुनिया में उन्होंने लंबे समय तक काम किया है और इस बाजार की जरूरतों को समझा है।

खुद का काम किया शुरू

2011 में हर्षद ने अपना खुद का बिजनेस शुरू किया और यूथ अर्बन फैशन वियर नाम का एक फैशन स्टोर खोला और साथ ही रिटेल डिजाइन कंसल्टिंग और बिजनेस कोचिंग भी शुरू कर दिया। हालांकि कोविड-19 के कारण उन्हें अपना फैशन बिजनेस बंद करना पड़ा। हालांकि इस मुश्किल से वह जल्द उबरे और Wealthy Retailers Hub नाम से एक नया सफर शुरू किया। वह अब बिजनेस कोचिंग में एक्टिव हैं। अब वह एंटरप्रेन्योर्स को उनके बिजनेस को बढ़ाने में मदद करते हैं। वह एशिया और यूरोप के कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम कर रहे हैं।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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