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Explained : युवाओं में तेजी से बढ़ता Office Frogging ! जानें क्या है ये ट्रेंड और इसके नुकसान

Office Frogging Explained: आजकल कंपनियों में काम करने वाले लोगों में एक ट्रेंड बड़ी तेजी से बढ़ रहा है और वो है- ऑफिस फ्रॉगिंग। ये देखने में काफी आसान और मजेदार लग सकता है मगर इसके आगे चलकर गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। इस लेख में समझते हैं कि ऑफिस फ्रॉगिंग क्याा है और आगे चलकर इसके क्या परिणाम हो सकते हैं... अगर आप भी ऑफिस फ्रॉगिंग करने वालो की कतार में आते हैं तो आपके लिए ऐसा करना काफी खराब साबित हो सकता है।

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What is Office Frogging

What is Office Frogging Trend: आज कल की जिंदगी काफी तेज रफ्तार है और ऐसे में लोगों के काम करने का तरीका और उनकी सोच भी उसी हिसाब से बदलती जा रही है। पहले लोग एक कंपनी में टिक कर काम कर लेते थे। मगर अब लोगों के काम करने का तरीका बदलता जा रहा है और लोग बेहद कम समय में एक कंपनी से छलांग लगाकर दूसरी कंपनी में चले जाते हैं। हालांकि लोगों को आइडिया भी नहीं होता कि ऐसा करने से उन्हें गंभीर नुकसान हो सकता है। इस कंडीशन को कहा जाता है ऑफिस फ्रॉगिंग। मगर ऑफिस फ्रॉगिंग कुछ समय के लिए तो अच्छी दिख सकती है मगर ऐसा करने से लंबे समय में कुछ नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। हालांकि इसके नुकसान और फायदों से पहले समझते हैं कि ऑफिस फ्रॉगिंग क्या होती है...

आखिर क्या होती है ऑफिस फ्रॉगिंग? What is the meaning of Office Frogging ?

बेहतर सैलरी, अच्छी खासी सुविधाएं और घर के पास काम भला किसे अच्छा नहीं लगता। इन्हीं सब चीजों के लालच में अकसर लोग अकसर कंपनी छोड़ देते हैं। इसी ट्रेंड को आजकल नाम मिला है- ऑफिस फ्रॉगिंग। ये शब्द मेंढक से इंस्पायर्ड है। आपने मेंढक को देखा होगा कि वो एक पत्ते से अकसर दूसरे पत्ते पर छलांग लगाता है।

कौन लोग करते हैं ऑफिस फ्रॉगिंग? Why people do Office Frogging

इसी तरह जब कोई इम्प्लॉई एक कंपनी से दूसरी कंपनी में स्विच करता है तो ये उसी मेंढक की तरह होता है, जो एक पत्ते से दूसरे पत्ते पर छलांग लगाता है। लोगों को जल्दी से नौकरी बदलने का ये रास्ता देखने में काफी आसान सा लगता है। मगर ये बात नहीं मालूम होती कि इसके लंबे समय में गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं।

नौकरी बदलना कोई गलत बात नहीं होती है। ऐसा करना आपकी ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी होता है। मगर अगर ये आपकी आदत है, तो ऐसा करने के कुछ गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसा करने से तनाव, बेचैनी और अस्थिरता बन सकती है। चलिये समझने की कोशिश करते हैं कि ऑफिस फ्रॉगिंग कैसे आपकी मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती है।

ऑफिस फ्रॉगिंग क्यों हो रहा फेमस?

ऑफिस फ्रॉगिंग क्यों हो रहा फेमस?

क्यों बढ़ रहा ऑफिस फ्रॉगिंग का ट्रेंड ? Office Frogging Trend

नौकरी बदलते रहने का ये ट्रेंड सबसे ज्यादा आजकल की जनरेशन जेन जी में बढ़ रहा है। इस पीढ़ी को नौकरी में स्थिरता से ज्यादा अपनी खुशी और मेंटल पीस ज्यादा मेटर करती है। Gen G नई चीजें सीखने, वर्क लाइफ बैलेंस और अपनी खुशियों पर ध्यान देते हैं और यही वजह है कि ये जनरेशन ऑफिस फ्रॉगिंग को ज्यादा महत्व देती है। इस तरह की जनरेशन वर्क लाइफ बैलेंस को मेंटेन करने के लिए ऑफिस समय-समय पर बदलती रहती है।

क्यों बढ़ रहा है ऑफिस फ्रॉगिंग ट्रेंड ?

ऑफिस फ्रॉगिंग करने वाले लोगों को बेशक जल्दी-जल्दी प्रमोशन मिलता है और उनका पैकेज भी जल्दी बढ़ता है। ऐसे में बेहतर सैलरी और पैकेज के लालच में लोग जल्दी जल्दी कंपनी छोड़ते रहते हैं। इसके पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं। जैसे की ज्यादा सैलरी की चाह, काम का प्रेशर, मैनेजमेंट या फिर टीम से दिक्कत, ग्रोथ या सीखने के मौकों का कम होना या फिर जल्दबाजी में लिया गया जॉब ऑफर।

ऑफिस फ्रॉगिंग का क्यों बढ़ रहा है क्रेज ?

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जान लीजिये ऑफिस फ्रॉगिंग के नुकसान Disadvantages of Office Frogging ?

अगर आप भी इसी तरह जल्दी जल्दी नौकरी बदलते रहते हैं तो सबसे पहले इस ऑफिस फ्रॉगिंग ट्रेंड के नुकसान जान लीजिये। ऑफिस फ्रॉगिंग करने वाले एम्प्लॉई को देखकर एचआर को लगता है कि कैंडिडेट उनकी कंपनी में टिकेगा नहीं और मुश्किल समय में कंपनी छोड़ देगा। बार बार कंपनी स्विच करते रहने से स्किल्स अच्छी और गहरी नहीं बन पाती। साथ ही लीडरशिप के रोल्स भी नहीं मिलते हैं।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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