What are the rules for practicing medicine with a foreign degree: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद और अब नेपाल में हुए प्रदर्शन के बाद विदेश से मेडिकल की डिग्री खासकर एमबीबीएस करने वाले भारतीय छात्रों के विषय में व्यापक चर्चा होने लगी है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत सरकार यूक्रेन में पढ़ रहे करीब 22,000 छात्रों को वापस लेकर आई थी, इनमें से अधिकतर मेडिकल एजुकेशन के लिए वहां गए थे। इजरायल और ईरान युद्ध के बीच ईरान से 110 भारतीय छात्र सुरक्षित तरीके से भारत लाए गए, इनमें से अधिकतर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। वहीं बीते दिनों नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध को लेकर शुरू हुआ विरोध हिंसक रूप ले गया, जिसके बाद भारत सरकार ने बताया कि नेपाल में इस समय 2100 से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो, नेपाल में भारतीय छात्र मुख्य रूप से प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए जाते हैं। वहीं भारत से नेपाल जाने वाले अधिकांश छात्र मेडिकल कोर्सेज के लिए जाते हैं।
यूक्रेन, ईरान और नेपाल जैसे देशों में कई कोर्स में भारतीय छात्रों के लिए अपेक्षाकृत आसान प्रवेश प्रक्रिया है और खर्च भारत के मुकाबले कम है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हर साल मेडिकल की पढ़ाई करने इन देशों में जाते हैं लेकिन जब युद्ध और तनाव जैसी स्थिति होती है तो उन्हें वापस लाना पड़ता है, इससे उनका समय, धन और करियर बर्बाद हो जाता है। अब सवाल खड़ा होता है कि क्या फॉरेन की एमबीबीएस डिग्री भारत में वैध है और विदेशी डिग्री के साथ मेडिकल प्रैक्टिस के भारत में नियम क्या हैं।
विदेशी डिग्री के साथ भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के नियम
विदेश से हासिल एमबीबीएस की डिग्री भारत में सीधे मान्य नहीं होती। यदि कोई छात्र भारत में चिकित्सक के रूप में प्रैक्टिस करना चाहता है, तो उसे मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (अब नेशनल मेडिकल कमीशन) द्वारा आयोजित परीक्षा पास करनी होती है। भारत में प्रैक्टिस करने के लिए आपको FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) या भविष्य में आने वाली NEXT परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही डिग्री को भारत में मान्यता मिलती है और छात्र प्रैक्टिस कर सकता है। विदेश लौटने के बाद उन्हें भारत की इस कठिन परीक्षा का सामना करना पड़ता है, जिसे पास करना प्रवेश परीक्षा जितना चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

भारत में मान्यता के लिए शर्तें
मान्यता के लिए मुख्य शर्तें:
- NMC/WHO से मान्यता: जिस मेडिकल कॉलेज से आप पढ़ाई कर रहे हैं, वह नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) या WHO द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
- NExT/FMGE उत्तीर्ण करना: भारत में प्रैक्टिस करने के लिए आपको FMGE पास करना होगा, जो एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। भविष्य में NExT परीक्षा FMGE की जगह लेगी।
- कोर्स की अवधि और माध्यम: कोर्स की न्यूनतम अवधि 54 महीने होनी चाहिए और पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी होना चाहिए।
- NMC दिशानिर्देशों का पालन: विदेश में आपका मेडिकल कॉलेज NMC के दिशानिर्देशों का पालन करता हो।
बिना FMGE के भारत में किस देश की MBBS डिग्री मान्य है?
FMGE परीक्षा अधिकांश विदेशी स्नातकों के लिए एक बाधा बनी हुई है। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड में MBBS या MD करने से छात्रों को FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) की परीक्षा छोड़कर सीधे भारत में प्रैक्टिस शुरू करने का मौका मिलता है।

विदेश से एमबीबीएस क्यों बन रहा युवाओं की पसंद
विदेश से एमबीबीएस क्यों बन रहा युवाओं की पसंद
- विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई करना इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि वहां की फीस भारत की तुलना में काफी कम होती है।
- आर्थिक रूप से सक्षम न होने के बावजूद छात्र डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए विदेश का विकल्प चुनते हैं।
- भारत में निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस करने पर एक से सवा करोड़ रुपये तक का खर्च आता है, जबकि विदेशों में यही खर्च लगभग 25–30 लाख रुपये के बीच होता है।
- फीस की यह खाई ही विदेश में पढ़ाई का सबसे बड़ा कारण है।
किन देशों के एमबीबीएस को मेडिकल काउंसिल की मान्यता प्राप्त है
भारत में किसी एमबीबीएस डिग्री को मान्यता दिलाने के लिए आपको उन देशों में पढ़ाई करनी होगी जिनके मेडिकल विश्वविद्यालयों को भारतीय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा मान्यता प्राप्त हो या वे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वर्ल्ड मेडिकल स्कूल में डेटाबेस में लिस्ट हों। रूस, बेलारूस, जॉर्जिया, यूक्रेन, किर्गिस्तान, फिलीपींस, बांग्लादेश और पोलैंड जैसे देशों में कई एनएमसी-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय हैं। यूक्रेन के सभी शीर्ष चिकित्सा विश्वविद्यालय विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) जैसे प्रमुख संगठनों द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए नेपाल एक और पसंदीदा जगह है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका, कनाडा और यूके जैसे देशों से प्राप्त मेडिकल डिग्री भी भारत में मान्य होती हैं, हालांकि इन देशों की फीस अधिक होती है।
क्या नेपाल से एमबीबीएस की डिग्री भारत में मान्य है?
नेपाल एमबीबीएस करने के लिए सबसे अच्छे देशों में से एक है। नेपाल के मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों से प्राप्त एमबीबीएस की डिग्री भारत में मान्य है। हालांकि यहां भी वही शर्त काम करती है कि आप भारत में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा निर्धारित सभी मानकों को पूरा करें और चिकित्सा परीक्षाओं जैसे FMGE या NExT को पास करें।
