भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली में एक क्रांतिकारी अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए 'कम्प्यूटेशनल थिंकिंग' (CT) और 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) का नया पाठ्यक्रम लॉन्च किया है। सीबीएसई (CBSE) द्वारा तैयार किया गया यह नया सिलेबस सत्र 2026-27 से लागू होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल तकनीक का उपभोक्ता बनाने के बजाय उन्हें भविष्य का निर्माता और 'AI-Ready' नागरिक बनाना है।
बचपन से ही तकनीक की समझ और डिजिटल साक्षरता
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम का फोकस किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक समझ पर है। कक्षा 3 जैसी छोटी उम्र से ही बच्चों को तकनीक की बारीकियों से परिचित कराया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों में शुरुआती स्तर पर ही डिजिटल साक्षरता को मजबूत करना और उन्हें जिम्मेदार तकनीकी उपयोग सिखाना है। सरकार का मानना है कि यदि बच्चे छोटी उम्र से ही कोडिंग और एल्गोरिदम के बुनियादी सिद्धांतों को समझेंगे, तो वे भविष्य के डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाएंगे।
तार्किक सोच और समस्या समाधान कौशल पर जोर
इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता 'कम्प्यूटेशनल थिंकिंग' है। यह विषय छात्रों को पहेलियों, गणितीय खेलों और विशेष वर्कशीट्स के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इससे बच्चों में रटने की प्रवृत्ति कम होगी और उनकी 'लॉजिकल थिंकिंग' (तार्किक सोच) व 'एनालिटिकल स्किल' (विश्लेषणात्मक क्षमता) विकसित होगी। खेल-खेल में सीखने की इस पद्धति से बच्चे जटिल समस्याओं को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर हल करना सीखेंगे। यह कौशल न केवल कंप्यूटर विज्ञान में, बल्कि गणित, विज्ञान और अन्य विषयों को समझने में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
भविष्य के नवाचारों के लिए तैयार होगा भारत
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का दूरगामी लक्ष्य भारत को वैश्विक एआई हब बनाना है। जब स्कूली स्तर पर ही छात्र इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग को अपनाएंगे, तो वे आगे चलकर वैश्विक स्तर पर नए आविष्कारों का नेतृत्व कर सकेंगे। यह पाठ्यक्रम छात्रों को भविष्य की नौकरियों और उभरती हुई तकनीकों के लिए तैयार करेगा। सामूहिक चर्चा, टीम वर्क और चार्ट-डायग्राम जैसी रोचक विधियों से लैस यह शिक्षा व्यवस्था देश के बच्चों को दुनिया के बेहतरीन तकनीकी विशेषज्ञों की कतार में खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा डिजिटल बदलाव है।
