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Booker Prize 2025: डेविड स्जेले की 'फ्लेश' ने जीता बुकर अवॉर्ड, सिर्फ एक कदम दूर रह गईं किरण देसाई

David Szalay wins 2025 Booker Award: कनाडाई-हंगेरियन-ब्रिटिश लेखक डेविड स्जेले ने सोमवार को अपनी किताब 'फ्लेश' के लिए बुकर पुरस्कार जीता। किरण देसाई ये इतिहास रचने से सिर्फ कुछ ही कदम दूर रह गईं। इससे पहले किरण देसाई को साल 2006 में अपनी किताब 'नुकसान की विरासत' के लिए ये पुरस्कार मिला था। वे इस बार दूसरे स्थान पर रहीं।

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2025 बुकर विजेता

Booker price 2025: कनाडाई-हंगेरियन-ब्रिटिश लेखक डेविड स्जेले ने सोमवार को अपनी किताब 'फ्लेश' (Booker for Flesh) के लिए बुकर पुरस्कार जीता। ये किताब एक आम आदमी के कई दशकों के जीवन की कहानी है जिसमें जो लिखा नहीं गया है वह भी उतना ही अहम है जितना कि लिखा गया है।भारतीय मूल की किरण देसाई की बात करें तो उन्होंने अपनी किताब सोनिया और सनी का अकेलापन के लिए सुर्खियां बटोरीं। मगर वे इस अवॉर्ड को जीतने के लिए बस कुछ ही कदम की दूरी पर रह गईं। इससे पहले उन्हें साल 2006 में नुकसान की विरासत के लिए ये पुरस्कार मिला था। वे इस बार दूसरे स्थान पर रहीं।

5 प्रतियोगियों को हराकर पहले स्थान पर रहे स्जेले

51 वर्षीय स्जेले ने पसंदीदा एंड्रयू मिलर और किरण देसाई सहित पांच अन्य फाइनलिस्टों को हराकर ये प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार जीता। इस पुरस्कार से विजेता को 50,000 पाउंड ($66,000) की राशि मिलती है और उसकी बिक्री और लोकप्रियता में भी भारी वृद्धि होती है। उन्हें एक जजों के पैनल द्वारा प्रस्तुत 153 उपन्यासों में से चुना गया था, जिसमें आयरिश लेखक रॉडी डॉयल और 'सेक्स एंड द सिटी' स्टार सारा जेसिका पार्कर शामिल थे।

स्जेले की किताब किस बारे में?

बताते चलें कि स्जेले की किताब में मौन रहने वाले इस्तवन के जीवन के बारे में बताया गया है, जिसमें किशोरावस्था में एक वृद्ध महिला के साथ उनके रिश्ते से लेकर ब्रिटेन में एक संघर्षशील अप्रवासी के रूप में लंदन के उच्च समाज के निवासी बनने तक का सफर शामिल है। लेखक ने कहा कि वह एक हंगेरियन अप्रवासी के बारे में और "जीवन को एक भौतिक अनुभव के रूप में, और इस दुनिया में एक जीवित शरीर होने के अनुभव के बारे में' लिखना चाहते थे।

लंदन के ओल्ड बिलिंग्सगेट में अपनी ट्रॉफी स्वीकार करते हुए - एक पूर्व मछली बाजार जो अब एक शानदार आयोजन स्थल बन गया है - स्जेले ने अपने "जोखिम भरे" उपन्यास को पुरस्कृत करने के लिए निर्णायकों का धन्यवाद किया।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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