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नीट, सीबीएसई के बाद अब CUET UG विवादों में, तकनीकी गड़बड़ी की वजह से एग्जाम में देरी, छात्रों की परेशानी का जिम्मेदार कौन?

CUET UG 2026 Controversy: देश की सबसे बड़ी प्रवेश और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पहले NEET UG पेपर लीक विवाद ने लाखों छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया। इसके बाद CBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर सवाल खड़े हुए। अब कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी CUET UG भी विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है।

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CUET UG 2026: सीयूईटी यूजी विवादों में

CUET UG 2026 Controversy: देश की सबसे बड़ी प्रवेश और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पहले NEET UG पेपर लीक विवाद ने लाखों छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया। इसके बाद CBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर सवाल खड़े हुए। अब कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी CUET UG भी विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा समय से शुरू नहीं हो सकी, जिससे हजारों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सवाल यह है कि आखिर देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार ऐसी समस्याएं क्यों सामने आ रही हैं? क्या हमारी परीक्षा प्रणाली तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो गई है, या फिर तैयारी और प्रबंधन में कहीं बड़ी कमी है?

परीक्षा के संचालन से जुड़ी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) की तरफ से टेक्निकल इश्यू की सूचना दी गई, जिसके चलते कुछ केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। अब कैंडिडेट्स के लिए पेपर की अपडेटेड टाइमिंग और हेल्पलाइन नबर्स और डीटेल्स जारी की गई है। TCS ने बताया कि उनकी तरफ से आई एक तकनीकी खराबी के कारण 30.05.2026 को कुछ केंद्रों पर CUET (UG) 2026 की शुरुआत में देरी हुई। इस समस्या को अब ठीक कर लिया गया है, और परीक्षा पूरे एक्स्ट्रा टाइम के साथ आयोजित की जा रही है, ताकि किसी भी उम्मीदवार को कोई नुकसान न हो।

CUET UG को देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश का प्रमुख माध्यम माना जाता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा के दिन सर्वर की समस्या, लॉगिन में देरी, सिस्टम हैंग होने या तकनीकी बाधाओं की खबरें छात्रों की चिंता बढ़ा देती हैं। कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उन्हें परीक्षा शुरू होने से पहले लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ केंद्रों पर निर्धारित समय से काफी देर बाद परीक्षा शुरू हुई। एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों को हुई इस असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि अब इस तकनीकी समस्या को पूरी तरह सुलझा लिया गया है। यदि किसी छात्र को परीक्षा से जुड़ी कोई अन्य समस्या आ रही है, तो वे हेल्पलाइन नंबर +91-11-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं।

यह पहली बार नहीं है जब किसी राष्ट्रीय परीक्षा को लेकर सवाल उठे हों। NEET UG में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए। वहीं CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई। अब CUET UG में तकनीकी गड़बड़ियों ने यह बहस फिर छेड़ दी है कि क्या परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियां इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं?

आम आदमी पार्टी ने उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को सीयूईटी (यूजी) 2026 परीक्षा के दौरान विभिन्न केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी की खबरों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। श्री भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करते हुए परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिल्ली, गाज़ियाबाद, नोएडा, बरेली, कानपुर समेत कई शहरों के परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा शुरू होने में देरी होने की खबरें सामने आई हैं।

बड़े सवाल हुए खड़े

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या देश की प्रमुख परीक्षाओं के लिए अब एक नए और अधिक भरोसेमंद मॉडल की जरूरत है? क्योंकि जब हर कुछ महीनों में किसी न किसी राष्ट्रीय परीक्षा पर सवाल उठने लगें, तो केवल छात्रों का भविष्य ही नहीं, पूरी परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता भी दांव पर लग जाती है।

छात्रों के प्रदर्शन और मानसिक स्थिति पर असर

तकनीक परीक्षा प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बना सकती है, लेकिन इसके लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, बैकअप सिस्टम और समय पर समस्या समाधान की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। यदि परीक्षा के दौरान तकनीकी बाधाएं आती हैं, तो उसका सीधा असर छात्रों के प्रदर्शन और मानसिक स्थिति पर पड़ता है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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