CM Yogi Adityanath: हिंदी भाषा के उत्थान के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई भारतीय भाषा में होगी। प्रदेश सरकार ने इसकी तैयारी काफी पहले पूरी कर ली थी। इस बात की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर दी। उन्होंने बताया कि, मेडिकल और इंजीनियरिंग की कुछ पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद कर दिया गया है। आगामी सत्र में प्रदेश के विश्वविद्यालयों व महाविश्वविद्यालयों में इन विषयों के पाठ्यक्रम हिंदी में पढ़ने को मिलेंगे। बता दें सरकारी प्रेस नोटिस को संस्कृत में जारी करने के बाद राजभाषा के उत्थान की दिशा में योगी सरकार का यह सबसे बड़ा कदम है।
देश में अब तक मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई अंग्रेजी में होती आ रही है। लेकिन अब उत्तर प्रदेश देश का दूसरा ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां मेडिकल यानी चिकित्सा व अभियांत्रिकी की पढ़ाई हिंदी भाषा में हो सकेगी। योगी सरकार ने अंग्रेजी भाषा में कमजोर एमबीबीएस व इंजीनियरिंग (Engineering Course In Hindi) के छात्रों के हौसलों को उड़ान दी है।
हिंदी में पाठ्यक्रम शुरू होने के बाद गरीब व मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए भी पढ़ाई आसान होगी। प्रदेश सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज के सपने को भी पूरा करने वाली है। राज्य के 75 जिलो में मेडिकल कॉलेज का कार्य लगभग पूरा होने वाला है।
मेडिकल व इंजीनियरिंग की पुस्तकों विमोचन
वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने आज मध्य प्रदेश के गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस एनॉटमी, फिजियोलॉजी व बायोकेमिस्ट्री की तीन हिंदी किताबों का विमोचन किया है। खास बात यह है कि, हिंदी सिलेबस में तकनीकी शब्दों को नहीं बदला गया है, इसे देवनागरी में लिखा गया है। यहां एक वॉर रूम तैयार किया गया है, जहां देशभर के 97 डॉक्टर्स एमबीबीएस किताबों का हिंदी में ट्रांसलेशन कर रहे हैं।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगी शुरुआत
मध्य प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत गांधी मेडिकल कॉलेज से होगी, बाद में राज्य के 13 अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू किया जाएगा। वहीं उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही उत्तर प्रदेश में इस प्रोजेक्ट को लागू करने के पुस्तकों का विमोचन कर सकते हैं।
