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CBSE Board Result 2026: रीचेकिंग, रिवैल्यूएशन और कंपार्टमेंट परीक्षा में क्या है अंतर? जानें क्या है बेहतर ऑप्शन

CBSE Board Result 2026: सीबीएसई द्वारा बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट जल्द जारी हो सकता है। उससे पहले छात्रों को रीचेकिंग, रिवैल्यूएशन और कंपार्टमेंट में अंतर और उनके उद्देश्यों के बारे में जानना जरूरी है।

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CBSE Board Result 2026

CBSE Board Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं 12वीं रिजल्ट 2026 जारी करने के बाद कई छात्रों को अपने मार्क्स को लेकर कंफ्यूजन रहती है। कई छात्रों के अनुसार, उनकी परीक्षा बहुत अच्छी गई होती है, लेकिन उसकी तुलना में उन्हें अंक कम लगते हैं। ऐसे में उनके पास क्या ऑप्शन है और वह किस प्रकार संतुष्ट हो सकते हैं, इसके बारे में उन्हें पहले से जानना जरूरी है। तो आइए आज आपको रीचेकिंग, रिवैल्युएशन और कंपार्टमेंट परीक्षा के बीच के अंतर और उनके उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताएं।

क्या होती है रीचेकिंग?

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा (CBSE Result 2026) में शामिल हुआ जो भी छात्र आंसर कॉपी के रीचेकिंग के लिए आवेदन करता है तो उन्हें पता होना चाहिए कि इसमें केवल अंकों की गणना की जाती है और चेक किया जाता है कि किसी प्रश्न का उत्तर बिना चेक हुए रह तो नहीं गया है।

क्या होता है रिवैल्यूएशन?

रिवैल्यूएशन की प्रक्रिया को अक्सर छात्र रीचेकिंग समझ लेते हैं। लेकिन रीचेकिंग में जहां केवल अंकों की गणना की जाती है, वहीं रिवैल्यूएशन में पूरी कॉपी को पुनः चेक किया जाता है। इस स्थिति में छात्र के मार्क्स बढ़ भी सकते हैं और कट भी सकते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए ही छात्रों को पहले रीचेकिंग के लिए कहा जाता है उसके बाद रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन की सलाह दी जाती है।

क्या होती है कंपार्टमेंटल परीक्षा?

कंपार्टमेंट परीक्षा छात्रों के साल भर की मेहनत को बचाने का एक अवसर है। जो छात्र किसी एक या दो विषय में पासिंग अंक प्राप्त करने में असफल होते हैं, उन्हें एक बार फिर तैयारी कर उस विषय की परीक्षा देने का मौका मिलता है। यह एक दूसरा मौका है, जिसमें हिस्सा लेकर छात्र परीक्षा पास कर सकते हैं।

अगर आप सीबीएसई 10वीं के छात्र हैं तो आपको दो विषयों में कंपार्टमेंट की परीक्षा दे सकते हैं। लेकिन अगर आप 12वीं के छात्र हैं तो आपको केवल एक विषय में कंपार्टमेंट की परीक्षा देने का अधिकार मिलता है। इससे अधिक विषयों में फेल होने पर छात्रों को फेल माना जाता है और उन्हें वापस उसी क्लास में बैठना होता है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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