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CBSE OSM विवाद: पहले ही मिल गई थी ‘फेल’ रिपोर्ट, फिर भी लाखों छात्रों पर कर दिया गया प्रयोग!

CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब सामने आया है कि कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन से पहले आयोजित ड्राई रन (पायलट परीक्षण) में ही कई गंभीर तकनीकी और मूल्यांकन संबंधी खामियां सामने आ गई थीं। इसके बावजूद बोर्ड ने इस प्रणाली को लागू कर दिया।

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CBSE OSM Controversy: सीबीएसई ओएसएम विवाद

CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब सामने आया है कि कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन से पहले आयोजित ड्राई रन (पायलट परीक्षण) में ही कई गंभीर तकनीकी और मूल्यांकन संबंधी खामियां सामने आ गई थीं। इसके बावजूद बोर्ड ने इस प्रणाली को लागू कर दिया। छात्रों की बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने, मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचने और मूल्यांकन में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

ड्राई रन में क्या हुआ था?

हमारे सोर्सेस बता रहे हैं कि CBSE ने जनवरी 2026 में दिल्ली के पांच प्रमुख स्कूलों में तीन दिन का पायलट परीक्षण कराया था। इसमें निजी स्कूलों, दिल्ली सरकार के स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। प्राचार्यों, परीक्षकों, अतिरिक्त मुख्य परीक्षकों (AHE) और विषय विशेषज्ञों को पहले OSM प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया और फिर उनसे नमूना उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया।

सूत्रों के अनुसार, इस दौरान प्रतिभागियों ने कई गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि पहले दिन सामने आई कई तकनीकी खामियां तीन दिन के परीक्षण के अंत तक भी दूर नहीं हो सकीं।

ड्राई रन में सामने आईं प्रमुख खामियां

रिपोर्ट के अनुसार : अतिरिक्त मुख्य परीक्षक (AHE) द्वारा बढ़ाए गए अंक सिस्टम में बढ़ने के बजाय घटे हुए दिखाई दे रहे थे। स्क्रीन पर दिखने वाले अंक कई बार आधिकारिक मार्किंग स्कीम से मेल नहीं खा रहे थे। कुछ प्रश्नों के कई उपभाग होने के बावजूद केवल एक भाग के अंक ही दिखाई दे रहे थे। सिस्टम कुछ मामलों में 0.5 अंक देने के लिए मजबूर कर रहा था, जबकि मार्किंग स्कीम इसकी अनुमति नहीं देती थी

‘Undo’ बटन इस्तेमाल करने पर प्लेटफॉर्म बार-बार फ्रीज या हैंग हो रहा था। कई निर्धारित अंक मूल्यांकन इंटरफेस में दिखाई ही नहीं दे रहे थे। मूल्यांकन की प्रगति स्वतः सेव नहीं हो रही थी। परीक्षक खाली पन्नों और बिना उत्तर वाले प्रश्नों पर भी अंक दर्ज कर पा रहे थे।

छात्रों ने भी लगाए यही आरोप

13 मई को कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद देशभर से छात्रों ने बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराईं। कई छात्रों का आरोप था कि

उनके उत्तरों की जांच पूरी नहीं हुई। कुछ उत्तरों को आंशिक रूप से जांचा गया। एक ही तरह के उत्तरों को अलग-अलग अंक दिए गए। स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली थीं। कुछ मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं के पन्ने गलत तरीके से जुड़ गए थे। छात्रों को ऐसे उत्तरों पर अंक दिए गए जो उन्होंने लिखे ही नहीं थे।

जून 2025 की गवर्निंग बॉडी बैठक के मिनट्स के अनुसार सदस्यों ने सुझाव दिया था कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग को देशभर में लागू करने से पहले विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में अलग-अलग विषयों पर पायलट परियोजनाएं पूरी की जानी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बजाय केवल दिल्ली के पांच स्कूलों में तीन दिन का परीक्षण करके पूरे देश में प्रणाली लागू कर दी गई।

CBSE ने क्या कहा था

CBSE का कहना है कि ड्राई रन के बाद कई बदलाव किए गए थे। बोर्ड के अनुसार मूल्यांकन इंटरफेस में ‘Save’ विकल्प जोड़ा गया। अंक हटाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया। Static IP से जुड़ी समस्या दूर की गई। उत्तरों पर अंक छिपने की समस्या ठीक की गई। AHE और HE समीक्षा प्रक्रिया में सुधार किया गया। सर्वर क्षमता बढ़ाई गई ताकि इंटरनेट स्पीड और लोड की समस्या कम हो। सूत्रों के अनुसार, ड्राई रन के बाद तैयार दूसरी रिपोर्ट में कम से कम 36 तकनीकी, संचालन संबंधी और मूल्यांकन संबंधी चिंताएं दर्ज की गई थीं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि यह प्रणाली "सतही या जल्दबाजी में जांच" का खतरा बढ़ा सकती है।

अब आगे क्या होगा

OSM विवाद अब प्रशासनिक, तकनीकी और कानूनी तीनों स्तरों पर पहुंच चुका है। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि ड्राई रन में सामने आई चेतावनियों और खामियों के बावजूद प्रणाली को जल्दबाजी में क्यों लागू किया गया और क्या इन कमियों का असर लाखों छात्रों के परिणामों पर पड़ा।

bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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