Board Exam 2024: भारत में शिक्षा मंत्रालय 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूली शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ) शुरू करने पर काम कर रहा है। रूपरेखा में दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए प्रति वर्ष दो बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि छात्रों के पास अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दोनों होगा।
साल में दो बार होंगी बोर्ड परीक्षाएं
साल में दो बार आयोजित की जाएंगी बोर्ड परीक्षाएं! शिक्षा मंत्रालय, MoE के नए पाठ्यक्रम ढांचे ने स्कूली शिक्षा के लिए दिशानिर्देश पेश किए हैं। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं अब दो बार आयोजित की जाएंगी और यह सत्रवार यानी कि टर्मवाइज नहीं होंगी, अब छात्रों को बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के दो अवसर मिलेंगे।
बोर्ड परीक्षाएं महीनों की कोचिंग और याद करने की तुलना में समझ और दक्षताओं की उपलब्धि का आकलन करेंगी
एमओई का नया पाठ्यक्रम कक्षा 11, 12 में विषयों का चयन स्ट्रीम तक सीमित नहीं होगा,
शिक्षा मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कहा
- कक्षा 11, 12 में विषयों का चयन स्ट्रीम तक ही सीमित नहीं होगा, छात्रों को इसमें लिए जाने वाले विषयों को चुनने में लचीलापन मिलेगा। एमओई का नया पाठ्यक्रम ढांचा कक्षा 11, 12 के छात्रों के लिए होगा।
- इसके तहत छात्रों को दो भाषाओं का अध्ययन करने का मौका मिलेगा, लेकिन कम से कम एक भाषा भारतीय होनी चाहिए।
- एमओई का नया पाठ्यक्रम नए एनईपी के अनुसार तैयार किया गया है।
- 2024 शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्यपुस्तकें जल्द ही तैयार की जाएंगी।
क्या कहा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने
एनएसटीसी समिति की संयुक्त कार्यशाला पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं, "कस्तूरीरंगन के मार्गदर्शन में
एनएसटीसी समिति की संयुक्त कार्यशाला पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं, "कस्तूरीरंगन (Kasturirangan) के मार्गदर्शन में संचालन समिति ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया है। उन्होंने इसे सरकार को सौंप दिया है, और सरकार ने इसे NCERT को दे दिया है।
NCERT ने दो समितियां बनाई हैं, जिनके नाम हैं - National Oversight Committee and National Syllabus and Textbook Committee (NSTC)
उन्होंने आगे कहा 'हम उम्मीद करते हैं कि ये दोनों समितियां 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुसार और मूल भारतीय सोच पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार करेंगी।
