NEET UG Counselling 2021: नीट का रिजल्ट आ चुका है, और उसकी काउंसलिंग का भी लाखों छात्र-छात्राओं को इंतजार है। इस बीच कई उम्मीदवार अच्छे अंक के जरिए आश्वस्त होंगे कि वह एमबीबीएस या डेंटल कोर्स में पढ़ाई के लिए प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। वहीं कई बच्चों को उम्मीद के अनुसार अंक नहीं मिलने से कंफ्यूजन भी होगा कि उन्हें प्रवेश मिलेगा या नहीं।
8 फीसदी है सफलता दर
देश में 535 एमबीबीएस कॉलेज हैं, जहां पर 80 हजार सीटे हैं। इसी तरह करीब 38 हजार BDS की सीटें हैं। साल 2021 की परीक्षा में 15 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था । इस आधार पर NEET में करीब 8 फीसदी सफलता दर है। इस आधार पर जो बच्चे प्रवेश नहीं ले पाएंगे उनके पास सामने दो विकल्प बचते हैं या तो वह दोबारा तैयारी करें, या फिर दूसरे कोर्स में एडमिशन लें। अगर आप फिर से तैयारी नहीं करना चाहते हैं तो भी मेडिकल प्रोफेशन में कई ऐसे कोर्स हैं, जिसमें आप अपना बेहतरी करियर बना सकते हैं।
इन कोर्स से किया जा सकता है ग्रैजुएशन
1.क्लीनिकल साइकोलॉजी
2.फोरेसिंक साइंस
3.नर्सिंग
4.बॉयोटेक्नोलॉजी
3.साइकोलॉजी
5.कॉर्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी
6.बॉयोमेडिकल इंजीनियरिंग
7.एग्रीलकल्चर साइंस
8.नेचुरोपैथी और योग विज्ञान
9. न्यूक्लीयर मेडिसिन
10.जेनेटिक्स
11.फूड टेक्नोलॉजी
कहां होते हैं ये कोर्स
ग्रैजुएशन के ये कोर्स देश के प्रमुख संस्थानों में कराए जाते हैं। इसमें प्रमुख विश्व विद्यालय मुख्य रुप से केंद्रीय विश्वविद्यालय, एनआईटी, आईआईटी, कृषि क्षेत्र से संबंधित कोर्स के लिए कृषि विश्वविद्यालय, प्रमुख निजी विश्व विद्यालय में कराए जाते हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए इन संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा आयुष भी है विकल्प
नए विकल्प में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा का डॉक्टर बनना भी शामिल है। इसके तहत बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस), बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस), बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस) और बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योग साइंस (बीएनवाईएस) में भी करियर बनाया जा सकता है।
ध्यान दें स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से NEET UG काउंसलिंग का संचालन करता है।

