SBI Recruitment 2022: बैकफुट पर आया एसबीआई, गर्भवती महिलाओं की भर्ती से संबंधित सर्कुलर को लिया वापस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 29, 2022, 07:05 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने गर्भवती महिलाओं की भर्ती से संबंधित सुर्कलर को ठंडे बस्ते में डालने का शनिवार को फैसला किया। 

SBI Recruitment 2022: बैकफुट पर आया एसबीआई, गर्भवती महिलाओं की भर्ती से संबंधित सर्कुलर को लिया वापस
Photo Credit: BCCL

SBI Recruitment 2022:  बैंक ने महिलाओं के लिए जारी किए संशोधित भर्ती दिशानिर्देश, DCW और शिवसेना ने की आलोचनास्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)ने नई भर्तियों और पदोन्नति के लिए अपने चिकित्सा और नेत्र संबंधी मानकों को संशोधित किया है। नए भर्ती दिशानिर्देशों में उल्लिखित संशोधन की जमकर आलोचना हो रही थी और दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने सरकार ने SBI से नए नियमों को वापस लेने का आग्रह किया था। SBI ने बयान करते हुए बताया कि वह भावनाओं का ध्यान रखते हुए बदले हुए भर्ती नियमों पर रोक लगा रहा है।  गे होने वाली भर्तियां पुराने नियमों के आधार पर ही की जाएंगी।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने प्रेस रिलीज में नियम वापसी की घोषणा की।

किया था ये संशोधन

दरअसल एसबीआई ने गर्भवती महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित नियमों समेत ‘बैंक में भर्ती संबंधी फिटनेस मानदंड’ की हाल में समीक्षा की थी। समीक्षा के बाद जारी नए नियमों के तहत तीन माह से अधिक अवधि की गर्भवती महिला उम्मीदवारों को ‘अस्थायी रूप से अयोग्य’ माने जाने की बात कही गई। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं प्रसव के चार महीने के भीतर ही नौकरी शुरू कर सकती हैं।

DCW ने की थी आलोचना

इस संशोधन कीउच्च स्तर पर आलोचना हो रही थी और दिल्ली महिला आयोग (DCW) सहित कई अधिकारियों ने SBI को एक नोटिस जारी कर SBI के नए रोजगार दिशानिर्देशों को वापस लेने की मांग की थी। डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया, 'ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय स्टेट बैंक ने तीन महीने से अधिक अवधि की गर्भवती महिलाओं की भर्ती को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं और उन्हें 'अस्थायी रूप से अयोग्य' करार दिया है। यह भेदभावपूर्ण और अवैध है। हमने उन्हें नोटिस जारी कर इस महिला विरोधी नियम को वापस लेने की मांग की है।'

साथ ही, राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को एसबीआई के नए भर्ती दिशानिर्देशों की आलोचना की और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दिशानिर्देशों को वापस लेने का आग्रह किया।

End of Article