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99 साल पुरानी यूनिवर्सिटी, 2.80 लाख छात्र पढ़ते हैं यहां, जानें कैसे मिलता है एडमिशन

उत्तर प्रदेश में स्थित 99 साल पुराना विश्वविद्यालय, जिसकी स्थापना यूनाइटेड प्रोविंस ऑफ आगरा क्षेत्र में की गई थी, आज देश के सबसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक है। यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और चौधरी चरण सिंह जैसे दिग्गजों ने शिक्षा प्राप्त की है। 14 कॉलेज और 4 फैकल्टी से शुरू हुआ शिक्षा का सफर आज 13 फैकल्टी और सैकड़ों कॉलेज से भरा हुआ है।

Agra  University

99 साल पुरानी यूनिवर्सिटी, जहां पढ़ें अटल बिहारी वाजपेयी

उत्तर प्रदेश के स्थित 99 साल पुराना एक विश्वविद्यालय, जो यूनाइटेड प्रोविंस ऑफ आगरा सेंट्रल इंडिया और राजपुताना तक फैला हुआ था। 4 फैकल्टी, 14 कॉलेज और 2530 छात्रों के साथ शुरू हुए आगरा विश्वविद्यालय में आज 13 फैकल्टी हैं और 200 से अधिक संबद्ध कॉलेज हैं। 99 साल पुराने इस विश्वविद्यालय में देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और चौधरी चरण सिंह, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और डॉ शंकर दयाल शर्मा समेत कई राजनीतिक दिग्गजों ने शिक्षा प्राप्त की है। इतना ही नहीं इस विश्वविद्यालय से कई टीवी कलाकारों ने भी शिक्षा प्राप्त की है। आइए आपको विश्वविद्यालय के साथ यहां के एडमिशन प्रोसेस के बारे में बताएं।

आगरा विश्वविद्यालय इनकी मेहनत का है नतीजा

आगरा यूनिवर्सिटी, जिसे अब डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है। बता दें कि इस विश्वविद्यालय की नींव 1 जुलाई 1927 में रखी गई थी। बता दें कि यूपी के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक आगरा विश्वविद्यालय रेव. कैनन ए.डब्ल्यू. डेविस, मुंशी नारायण प्रसाद अस्थाना, डॉ. एल.पी. माथुर, लाला दीवान चंद, राय बहादुर आनंद स्वरूप और डॉ. बृजेंद्र स्वरूप जैसे जोशीले शिक्षाविदों (Academics) के एक ग्रुप की कड़ी मेहनत का नतीजा था। इन्हीं के प्रयासों से आज भारत को आगरा विश्वविद्यालय मिला है।

14 कॉलेज का घर है आगरा विश्वविद्यालय

बता दें कि आगरा विश्वविद्यालय में 200 से अधिक संबद्ध (affiliated) कॉलेज जुड़े हुए हैं। 15 आवासीय संस्थान है। बता दें कि आगरा विश्वविद्यालय जिसे अब डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है, आगरा संभाग के 7 जिलों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करता है। बता दें कि इस यूनिवर्सिटी की शुरुआत केवल 4 फैक्टली के यानी आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स और लॉ के साथ हुई थी। समय के साथ इसमें कई फैकल्टी एड की गई। जैसे मेडिसिन 1936 में, एग्रीकल्चर 1938 में, होम साइंस 1980, बेसिक साइंस 1981, फाइन आर्ट्स 1982 और मैनेजमेंट की फैकल्टी 1994 में जोड़ी गई।

पढ़ें है ये राजनीति दिग्गज और बड़ी हस्तियां

आगरा विश्वविद्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी (पूर्व प्रधानमंत्री), चौधरी चरण सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री), राम नाथ कोविंद (पूर्व राष्ट्रपति), डॉ. शंकर दयाल शर्मा (पूर्व राष्ट्रपति), मुलायम सिंह यादव (यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री), कल्याण सिंह (यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री), और नारायण दत्त तिवारी। इसके अलावा पंडित दीन दयाल उपाध्याय, सर तेज बहादुर सप्रू, केडी पालीवाल, गोपाल स्वरूप पाठक, हिंदी साहित्यिक आंदोलन के अग्रणी राजेंद्र यादव, और टेलीविजन अभिनेता अरुण गोविल ने भी यहां से शिक्षा प्राप्त की है। अच्छी एजुकेशन और कैंपस लाइफ के लिए इसे आज भी जाना जाता है।

आगरा विश्वविद्यालय में एडमिशन कैसे मिलता है?

आगरा विश्वविद्यालय में मुख्य रूप से प्रवेश समर्थ पोर्टल के माध्यम से लिया जाता है। इसके लिए उम्मीदवारों को ऑनलाइन यूपी और पीजी कोर्स के लिए आवेदन करना होता है। बता दें कि दोनों कोर्स में प्रवेश मेरिट और प्रवेश परीक्षा के माध्यम से लिया जा सकता है। बता दें कि 12वीं के बाद या ग्रेजुएशन के बाद उम्मीदवार यूजी और पीजी कोर्स में प्रवेश सीयूईटी परीक्षा के माध्यम से भी ले सकते हैं।

कब बदला यूनिवर्सिटी का नाम?

आगरा विश्वविद्यालय का नाम 1996 में बदलकर डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा किया गया था। विश्वविद्यालय का नाम बदलने का यह फैसला समाज में डॉ. बी. आर. अंबेडकर के योगदान को मान्यता देने के लिए लिया गया था।

आगरा विश्वविद्यालय की रैंकिंग क्या है?

NAAC की रैंकिंग की बात करें तो आगरा विश्वविद्यालय को A+ ग्रेड दिया गया है। वहीं NIRF रैंकिंग 2025 के अनुसार, स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी की श्रेणी में यह विश्वविद्यालय 58वें स्थान पर है। हर साल हजारों छात्र विभिन्न कोर्स में यहां प्रवेश लेते हैं। इस विश्वविद्यालय में 3000 से अधिक छात्र पढ़ाई करते हैं।

varsha kushwaha
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वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्... और देखें

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