Delhi Coal Use: अगले साल से दिल्ली-एनसीआर में नहीं होगा कोयले का इस्तेमाल, सीएक्यूएम ने जारी किए नए आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 9, 2022, 05:15 PM IST

Delhi Coal Use: सीएक्यूएम ने नया सर्कुलर जारी किया है। जिसमें औद्योगिक, घरेलू और अन्य काम के लिए इस्तेमाल होने वाले कोयले पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि ताप बिजली संयंत्रों में कम सल्फर वाले कोयले पर सीएक्यूएम ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।

Delhi Coal Use: अगले साल से दिल्ली-एनसीआर में नहीं होगा कोयले का इस्तेमाल, सीएक्यूएम ने जारी किए नए आदेश
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Delhi Coal Use: आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर में कोयले की खपत कम देखने को मिल सकती है। इसके पीछे का कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) का नया फैसला है। सीएक्यूएम ने नया सर्कुलर जारी किया है। जिसमें औद्योगिक, घरेलू और अन्य काम के लिए इस्तेमाल होने वाले कोयले पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश अलगे साल 1 जनवरी से लागू किए जाएंगे। हालांकि ताप बिजली संयंत्रों में कम सल्फर वाले कोयले पर सीएक्यूएम ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। 

2023 से लगेगा प्रतिबंध

बीती 3 जून को सीएक्यूएम ने अपने एक आदेश में कहा था कि पीएनजी बुनियादी ढांचे और आपूर्ति वाले क्षेत्रों में कोयले के इस्तेमाल पर प्रतिबंध एक अक्टूबर से लगेगा। जबकि एक जनवरी, 2023 से उन क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाया जाएगा जहां पीएनजी आपूर्ति अब भी उपलब्ध नहीं है। सीएक्यूएम ने अपने ताजा बयान में कहा कि, अगले साल एक जनवरी से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ईंधन के तौर पर कोयले के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर भी सख्त सीएक्यूएम

आपको बता दें कि, इन दिनों सीएक्यूएम दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की परेशानी को लेकर भी काफी सख्त है। हाल ही में आयोग ने दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नया कदम उठाया है। जिसके लिए सीएक्यूएम खास विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है। सीएक्यूएम ने हाल ही में एक अनुसंधान एवं परियोजना प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि, वायु प्रदूषण से लड़ने और इसकी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए खास विशेषज्ञों की मदद जरूरी है।

लेगा विशेषज्ञों की मदद

ऐसे में सीएक्यूएम ने फैसला किया है कि, वह वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए अनुसंधानकर्ताओं, वैज्ञानिकों और एनजीओ की मदद लेगी। इसके अलावा उन व्यक्तियों का भी सहयोग लिया जाएगा जो वायु प्रदूषण के रोकथाम के लिए खास काम कर रहे हैं। इन सबको सीएक्यूएम की ओर से 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। 

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