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SIP पर मुनाफे के मामले में भारतीय बाजार फुस्स! 5 साल में मिला सिर्फ 8.4% का औसत रिटर्न

भारतीय शेयर बाजार के खराब प्रदर्शन का असर SIP पर भी देखने को मिला है। 5 साल में भारत में SIP का औसत रिटर्न 8.4% रहा है। जबकि, इस दौरान Nasdaq-100 ने 19 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया।

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पांच साल के औसत में अमेरिका से पीछे भारत

आम निवेशकों के लिए SIP सबसे आसान तरीका है, जिससे वे बचत और निवेश की आदत बनाते हैं। SIP से आप नियमित निवेश की आदत तो, सीख पाते हैं। लेकिन, आप SIP कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपकी पूंजी लगातार अपेक्षा के मुताबिक बढ़ रही है।

Edelweiss Asset Management के एनालिसिस में पिछले 10 साल के 10 ग्लोबल मार्केट्स के रोलिंग 5-Year Monthly SIP रिटर्न की तुलना की गई। इसमें हर मार्केट के 120 अलग-अलग 5-year SIP विंडो को देखा गया। इसक बाद सभी रिटर्न को US Dollar टर्म में निकाला गया। दिलचस्प बात यह है कि एक जैसी SIP के बावजूद अलग-अलग मार्केट में निवेशकों को नतीजे काफी अलग मिले।

10 साल की अवधि में कैसे हुई गणना?

यहां 10 साल यानी अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 तक का ओवरऑल पीरियड लिया गया। इसके भीतर हर महीने एक नया 5-year SIP विंडो शुरू माना गया। यानी एक महीने से शुरू हुई SIP का अगले 5 साल का रिटर्न देखा गया और फिर अगले महीने से शुरू हुई SIP का अलग 5-year Return निकाला गया। इस तरह हर मार्केट के लिए 120 अलग रोलिंग 5-Year SIP आउटकम का एनालिसिस किया गया। रोलिंग रिटर्न इसलिए अहम है, क्योंकि किसी एक फिक्स्ड 5-Year पीरियड का रिटर्न बहुत ज्यादा अच्छा या खराब हो सकता है। कई अलग-अलग स्टार्टिंग पॉइंट देखने से यह समझने में मदद मिलती है कि SIP ने अलग-अलग मार्केट कंडीशन में कितना रिटर्न दिया।

कैसा रहा भारत का रिटर्न?

इस एनालिसिस में भारतीय बाजार रिटर्न देने के मामले दूसरे बाजारों से काफी पीछे रहा है। हालांकि, भले ही भारतीय बाजार ने सबसे ज्यादा रिटर्न नहीं दिया, लेकिन भारतीय बाजार के रिटर्न में कंसिस्टेंसी देखने को मिली है। 120 फंड का रोलिंग 5-Year SIP आउटकम में भारत का औसत XIRR 8.4% रहा। इनमें करीब 98% आउटकम पॉजिटिव रहे। यानी सिर्फ 2% रोलिंग 5-year SIP आउटकम नेगेटिव रहे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि करीब 87% आउटकम 6% से 12% एनुअलाइज्ड रिर्टन के बीच रहे। भारत का Best 5-Year रोलिंग SIP रिटर्न करीब 13% रहा, जबकि सबसे खरब 0.9% था।

कौन रहा सबसे आगे?

अगर सिर्फ रिटर्न की बात करें, तो US मार्केट ने साफ बढ़त बनाई। Nasdaq-100 का औसत XIRR 19.1% रहा। इसके रोलिंग 5-Year SIP आउटकम 6.7% से 31.1% के बीच रहे। यानी Nasdaq-100 ने न सिर्फ औसत रिटर्न में भारत से काफी बेहतर प्रदर्शन किया, बल्कि इसके किसी भी 5-year रोलिंग आउटकम में नेगेटिव रिटर्न नहीं आया। दूसरी ओर S&P 500 का औसत XIRR 13.7% रहा और उसके भी किसी 5-year रोलिंग SIP आउटकम नेगेटिव नहीं था। इससे यह भी साफ होता है कि पिछले 10 सालों में US इक्विटीज खासकर टेक हैवी Nasdaq-100, ने ग्लोबल कंपरेजन में शानदार परफॉर्म किया है।

भारत दूसरे नॉन-यूएस मार्केट से आगे

इस तुलना में भारत का 8.4% औसत रिटर्न सिर्फ US मार्केट से पीछे रहा। क्योंकि, France का औसत रिटर्न 7.1% रहा। इसके बाद Brazil 4.6%, जर्मनी 4.1%, साउथ कोरिया 3.0%, चीन 2.9%, हांग कांड 2.2% और साउथ अफ्रीका 2% पर रहे। यानी India का औसत SIP Return इस ग्रुप के ज्यादातर मार्केट की तुलना में बेहतर रहा।

इन बाजारों में सबसे वोलैटाइल रहा SIP रिटर्न

वैश्विक तुलना में की सबसे अहम बात सिर्फ औसत रिटर्न नहीं, बल्कि रिस्क और कंसिसटेंसी है। ब्राजील, साउथ कोरिया, चीन और हांगकांग जैसे मार्केट में वोलैटिलिटी बहुत ज्यादा रही है। इन मार्केट्स में सबसे खराब रोलिंग 5-Year आउटकम -6% से -8% तक पहुंचे और करीब एक-तिहाई SIP आउटकम नेगेटिव रहे। इसके उलट भारत में सिर्फ 2% रोलिंग आउटकम नेगेटिव रहे। इसका मतलब यह नहीं कि भारतीय बाजार में रिस्क नहीं है। बल्कि इसका मतलब यह है कि इस खास 10-साल भारत में ज्यादा स्थिरता रही है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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