नई दिल्ली: अभी सातवें चरण का चुनाव संपन्न होना शेष है और नतीजे 23 मई को आएंगे। लेकिन सियासी पिच पर राजनीतिक दल अपनी पारी खेलने के लिए तैयार हैं। ईवीएम की पेटी से नतीजे किसके पक्ष में जाएंगे फिलहाल कयासों के घेरे में हैं। ये बात अलग है अब चुनावी नतीजों में संभावनों की तलाश की जा रही है। गैर एनडीए दलों को यकीन है कि इस दफा चुनावी नतीजे 2014 से अलहदा होंगे। इसका अर्थ ये है कि कोई एक राजनीतिक दल अपने बलबूते पर सरकार बनाने नहीं जा रही है। ऐसे में यूपीए की चेयरपर्सन ने 23 मई को गैर एनडीए दलों की बैठक बुलाई है।
बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने डीएमके, आरजेडी,टीएमसी के साथ एनसीपी के शरद पवार को बुलाया गया है। ये भी खबर है कि कांग्रेस के चार नेताओं को बेहतर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस टीम में अहमद पटेल, पी चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत शामिल हैं। इन लोगों के जिम्मे समान विचारधारा वालों दलों को एक मंच पर लाने की है।
दरअसल इस तरह की राजनीतिक कवायद के पीछे टीआरएस मुखिया के चंद्रशेखर राव के उस बयान में भी देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने थर्ड फ्रंट की संभावना पर विचार करने को कहा गया था। राव ने इस सिलसिले में केरल के सीएम पी विजयन और डीएमके चीफ एम के स्टालिन से मुलाकात की थी। इस तरह की खबर है कि सोनिया गांधी की तरफ से चंद्रशेखर राव और वाइएसआरसीपी के जगनमोहन रेड्डी को भी बुलाया गया है। लेकिन उनकी तरफ से किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस को लगता है कि बीजेपी इस बार सत्ता में नहीं आ रही है, लिहाजा बीजेपी की रणनीति को नाकाम करने के लिए बेहतर और स्मार्ट तरीके से रणनीति बनाई जाए।
नतीजों के ऐलान से पहले गठजोड़ की कोशिश, सोनिया गांधी ने 23 मई को गैर एनडीए दलों को बैठक के लिए भेजा न्यौता
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated May 16, 2019, 11:28 PM IST
आम चुनाव के नतीजों के ऐलान से पहले ही आगे की रणनीति पर राजनीतिक दल आगे बढ़ रहे हैं। इस संबंध में यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने 23 मई को गैर एनडीए दलों के नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है।
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