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Bengaluru News : मॉल के बाहर महिलाओं से छेड़छाड़, आरोपी ने वीडियो बनाया फिर टच कर...

महिलाओं ने कहा कि "जब हम मॉल से बाहर आ रहे थे, तो वह (आरोपी) लड़कियों का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। आरोप लगाया कि उसने हमारा वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया।

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बेंगलुरु मॉल के बाहर महिलाओं से छेड़छाड़ (फोटो-टाइम्स नाउ)

बेंगलुरु : शहर स्थित एक मॉल के बाहर एक अज्ञात व्यक्ति को कथित तौर पर महिलाओं की बिना सहमति के उनका वीडियो बनाते हुए पकड़ा गया। यह घटना हेब्बल स्थित मॉल ऑफ एशिया के बाहर हुई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और आसपास खड़े लोग महिलाओं के सपोर्ट में आए और आरोपी को पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो पर दो महिलाओं ने बताया कि जब पता चला कि वह उनका वीडियो बना रहा है तो उन्होंने उस व्यक्ति का विरोध किया। इस पर उन्होंने विरोध जताया, जिसके बाद उसने कथित तौर पर महिलाओं को धक्का दिया और भागने की कोशिश करने से पहले उनके साथ छेड़छाड़ की।

मॉल के बाहर छेड़छाड़

हमारी सहयोगी टाइम्स नाउ के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिलाओं ने कहा कि "जब हम मॉल से बाहर आ रहे थे, तो वह (आरोपी) लड़कियों का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। आरोप लगाया कि उसने हमारा वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। हमने उससे पूछा कि वह क्या रिकॉर्ड कर रहा है। फिर उसने हमारे साथ छेड़छाड़ की और हमें छुकर भाग गया। इसके बाद हम लोगों ने शोर किया तो मॉल के बाहर ऑटो चालकों और अन्य नागरिकों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। आखिरकार उसे उसके मोबाइल फोन के साथ कोडिगेहल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया।

टाइम्स नाउ ने लिखा है कि पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें वीडियो मिल गया है और वे इसकी पुष्टि कर रहे हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उस व्यक्ति ने न केवल उनका, बल्कि मॉल में मौजूद कई अन्य महिलाओं और लड़कियों का भी वीडियो बनाया था। उन्होंने शहर में बढ़ती चिंता का विषय बन चुकी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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