Bhopal Love Jihad Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे लव जिहाद के 'गंदे खेल' का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है। मामले में अपनी पहचान छिपाकर छात्राओं से कथित तौर पर दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप में अब तक 6 गिरफ्तारियां हुईं हैं। चार अलग-अलग थानों में हिंदू लड़कियों से दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
लव जिहाद मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक निजी कॉलेज की तीन छात्राओं ने एक के बाद एक थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई तब जाकर पता चला कि इस घटना के पीछे पूरा एक गिरोह है, जो हिंदू लड़कियों को शिकार बनाता था। आरोपी पहले शादी का झांसा देकर हिंदु लड़कियों का शारीरिक शोषण करते और उसका वीडियो बना लेते। बाद में वीडियो के बल पर पीड़िताओं को ब्लैकमेल करते थे।
आरोपी पीड़िताओं पर दबाव बनाते कि वह अपनी सहेलियों से दोस्ती करवाएं। साथ ही उनके दोस्तों के साथ शारीरिक संबंध भी बनाएं अन्यथा उनका वीडियो वायरल कर देंगे।
क्लब 90 बना गिरोह का अड्डा
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी क्लब 90 में छात्राओं का शारीरिक शोषण करते थे। इस जगह को उन्होंने अय्याशी का अड्डा बनाया था। पुलिस आरोपी को क्लब 90 लेकर भी पहुंची। टाइम्स नाउ ने आरोपी साहिल से घिनौनी साजिश को लेकर सवाल किया, लेकिन पुलिस के घेरे में आरोपी ने एकदम चुप्पी साध ली।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी क्लब 90 में बनाए गए एक प्राइवेट केबिन में घटना को अंजाम देते थे। प्राइवेट केबिन से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है। नगर निगम की जमीन पर बने क्लब 90 के भीतर कई बेडरूम मौजूद हैं। इस मामले में इलाके के रसूखदार बदमाश ने मीडिया कवरेज को लेकर नाराजगी जताई है।
लव जिहाद के आरोपी का एनकाउंटर
पुलिस उपायुक्त (DCP) प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मुख्य आरोपी फरहान अली ने पूछताछ में बताया कि वह अबरार नामक एक अन्य आरोपी के साथ बिलकिसगंज में एक कमरे में रुका था, जहां सबूत जुटाने के लिए उसे ले जा रहे थे, लेकिन आरोपी ने पेसाब का बहाना बनाया। जब वाहन रोका गया तो आरोपी ने कथित तौर पर एक उप निरीक्षक से पिस्तौल छीनने की कोशिश की और हाथापाई के दौरान हथियार से गोली चल गई।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि फरहान अली और अन्य आरोपियों के खिलाफ अशोका गार्डन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (दुष्कर्म), 61 (सामूहिक दुष्कर्म) और सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा धार्मिक की स्वतंत्रता अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
