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Ghazipur Triple Murder: गाजीपुर में ट्रिपल मर्डर से सनसनी, पति-पत्नी और बेटे की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या

Ghazipur Triple Murder: पुलिस ने तीनों की पहचान खिलवां मौजा निवासी मुंशी बिंद (45), उसकी पत्नी देवंती बिंद (40) और बेटे रामाशीष बिंद (20) के रूप में की है। हत्याकांड के समय मुंशी बिंद का छोटा बेटा घर से बाहर था। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Ghazipur Triple Murder

Photo : iStock

Ghazipur Triple Murder: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में ट्रिपल मर्डर से सनसनी फैल गई है। यहां घर के अंदर पति-पत्नी और बेटे की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना नंदगंज थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, यह सनसनीखेज वारदात तब हुई जब पूरा परिवार घर में ही मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने उनकी हत्या कर दी।

पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि सात-आठ जुलाई की दरम्यानी रात को करीब दो बजे नंदगंज थाना क्षेत्र के कुसुम्हीकला गांव के खिलवां मौजा निवासी मुंशी बिंद (45), उसकी पत्नी देवंती बिंद (40) और बेटे रामाशीष बिंद (20) की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ हत्याकांड

पुलिस ने बताया कि रविवार की रात मुंशी बिंद का परिवार घर था। उनका छोटा बेटा बाहर आर्केस्टा देखने गया हुआ था। परिवार में मुंशी बिंद के अलावा उनकी पत्नी और बड़ा बेटा मौजूद था। रात करीब दो बजे छोटा बेटा आशीष जब घर लौटा तो बाहर पिता की लहूलुहान लाश देखकर उसके रौंगटे खड़े हो गए। इसके बाद वह दौड़ते हुए घर के अंदर पहुंचा वहां बड़े भाई और मां की लाश देखकर उसके रौंगटे खड़े हो गए।

हत्या से पूरे इलाके में सनसनी

गाजीपुर में हुए इस हत्याकांड से सनसनी फैल गई है। रात में हुए इस ट्रिपल मर्डर के बाद चीख-पुकार मच गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोर्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि घर की फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की है और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हत्यारों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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