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घर से ही पोर्न साइट पर लड़कियों को लाइव न्यूड करवाते थे पति-पत्नी, ED के एक छापे ने खोल दिया सारा गंदा राज

ED के मुताबिक ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के दौरान लड़कियों के भी अलग अलग तरीके के टास्क होते थे। मतलब कस्टमर जितना पैसा भेजता था उसी हिसाब से लड़कियां एक्ट करती थीं.. जैसे, हाफ फेस शो (जहां चेहरा आधा दिखता था), फुल फेस शो (जहां पूरा चेहरा दिखता था), न्यूड कैटेगरी (जिसमें पूरी तरह नग्नता होती थी)।

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नोएडा में पोर्न साइट्स के लिए कंटेंट अपलोड करने वाला गिरोह का पर्दाफाश (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI

नोएडा में एक ऐसे पोर्न साइट कंटेट क्रिएट करने वाले गिरोह का पता चला है, जिसने एक घर से ही पोर्नोग्राफी रैकेट चला रखा था। इस गिरोह की मास्टर माइंड एक पति-पत्नी है, जो लड़कियों को ज्यादा पैसे का लालच देकर, पोर्न साइट पर लाइव न्यूड करवाता था। ईडी ने एक छापे में इस गिरोह का पर्दाफाश किया है।

नोएडा में ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़

जांच एजेंसियों ने नोएडा में चल रहे जिस बड़े ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, उसमें कई खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक ये रैकेट पिछले पांच साल से एक पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे। मुख्य आरोपी पहले रशिया में एक ऐसे ही सिंडिकेट का हिस्सा रह चुका है और बाद में भारत आकर अपनी पत्नी के साथ इस पोर्नोग्राफी रैकेट को शुरू किया।

फेसबुक के जरिए काम करता था गिरोह

ये गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म FB के जरिए काम कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने FB पर chapto.com नाम का एक पेज बनाया था।जिसमें मॉडलिंग के ऑफर दिए जाते थे और लड़कियों को मोटी सैलरी का लालच दिया जाता था।

लड़कियों को कैसे फंसाया जाता था

दिल्ली-एनसीआर की कई लड़कियों ने इस पेज के जरिए संपर्क किया और जब वे नोएडा स्थित फ्लैट पर ऑडिशन देने पहुंचती थी तो आरोपी की पत्नी उन्हें इस पोर्न रैकेट का हिस्सा बनने का प्रस्ताव देती थी। लड़कियों को 1 से 2 लाख रुपये महीने कमाने का लालच दिया जाता था। कई लड़कियां पैसे के लालच में आकर इस रैकेट का हिस्सा बन जाती थी। ED के सूत्रों ने जानकारी दी कि जब इस पति पत्नी के फ्लैट पर रेड की गई तो वहां उन्हें इस रैकेट में काम करने वाली 3 लड़कियां भी मिली। जो उस वक्त ऑनलाइन जुड़ी हुई थी।

लड़कियां पैसे के हिसाब से होती थी न्यूड

ED ने इन तीनों लड़कियों के भी बयान दर्ज किए हैं। ED के मुताबिक ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के दौरान लड़कियों के भी अलग अलग तरीके के टास्क होते थे। मतलब कस्टमर जितना पैसा भेजता था उसी हिसाब से लड़कियां एक्ट करती थीं.. जैसे, हाफ फेस शो (जहां चेहरा आधा दिखता था), फुल फेस शो (जहां पूरा चेहरा दिखता था), न्यूड कैटेगरी (जिसमें पूरी तरह नग्नता होती थी)। इनके लिए ग्राहकों से अलग-अलग रकम वसूली जाती थी।

75 प्रतिशत हिस्सा पति-पत्नी के पास

इस कमाई का 75% हिस्सा पति-पत्नी के पास जाता था, जबकि 25 प्रतिशत बाकी का हिस्सा लड़कियों को दिया जाता था। कस्टमर का पैसा सबसे पहले इस ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट चलाने वाले लोगों के पास क्रिप्टो करंसी के जरिए जाता था। उसके बाद ये पैसा इस पति पत्नी के पास आता था।

देश भर में नेटवर्क का शक

जांच एजेंसियों को शक है कि इस रैकेट के जरिए अब तक लगभग 500 से ज्यादा लड़कियों हायर की जा चुकी होंगी। अधिकारियों का मानना है कि देशभर में इस तरह के ऑनलाइन रैकेट की संख्या लाखों में हो सकती है। ED ने जब नोएडा के फ्लैट पर छापा मारा, तो वहां एक प्रोफेशनल वेबकैम स्टूडियो मिला। जो फ्लैट के ऊपरी हिस्से को एक हाई-टेक सेटअप में बदला गया था। जहां से ऑनलाइन कंटेंट प्रसारित किया जाता था।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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