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BMW Hit and Run Case: हिरासत में ली जा सकती है मिहिर शाह की गर्लफ्रेंड, एक्सीडेंट के बाद 40 बार हुई थी फोन पर बातचीत

BMW Hit and Run Case: पुलिस ने बताया कि घटना के बाद मिहिर शाह ने अपनी गर्लफ्रेंड से 40 बार फोन पर बातचीत की थी। कार छोड़ने के बाद वह अपनी गर्लफ्रेंड के घर गया और वहां करीब दो घंटे तक रुका था। यहां से वह अपनी बहन के साथ बोरीवली चला गया।

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BMW Hit and Run Case

Photo : Twitter

BMW Hit and Run Case: मुंबई में बीएमडब्ल्यू कार हिट एंड रन केस के मुख्य आरोपी मिहिर शाह की गर्लफ्रेंड को भी हिरासत में लिया जा सकता है। दरअसल, स्कूटर सवार दंपति को टक्कर मारने के बाद मिहिर शाह ने अपनी गर्लफ्रेंड से 40 बार फोन पर बातचीत की थी। अब पुलिस इस मामले में मिहिर शाह की गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। बता दें, मंगलवार को पुलिस ने मिहिर शाह को गिरफ्तार किया था। बुधवार को अदालत ने उसे 16 जुलाई तक हिरासत में भेज दिया है।

उधर, सत्तारूढ़ शिवसेना ने मिहिर के पिता राजेश शाह को पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया है। बता दें, बीते रविवार की सुबह दक्षिण-मध्य मुंबई के वर्ली इलाके में बीएमडब्ल्यू कार ने एक स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उस पर पीछे बैठी कावेरी नखवा (45) की मौत हो गई, जबकि उनके पति प्रदीप घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त मिहिर शाह नशे की हालत में था। उसने कावेरी नखवा को तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार से लगभग 1.5 किलोमीटर तक घसीटा। इसके बाद मिहिर ने कार रोकी, अपनी जगह ड्राइवर को बिठाया और भाग गया। पुलिस के अनुसार, पिता राजेश शाह ने दुर्घटना के बाद मिहिर के भागने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

घटना के बाद गर्लफ्रेंड के घर गया था मिहिर शाह

पुलिस ने बताया कि कला नगर में कार छोड़ने के बाद आरोपी मिहिर शाह ने ऑटो लिया और गोरेगांव में अपनी गर्लफ्रेंड के घर चला गया। वह यहां पर दो घंटे तक रुका। इस बीच उसकी गर्लफ्रेंड ने शाह की बहन को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद उसकी बहन गोरेगांव गई और शाह को बोरीवली में अपने घर ले गई। वहां से, शाह की मां मीना, उसकी दो बहनें पूजा और किंजल और एक दोस्त अवदीप, मुंबई से लगभग 70 किलोमीटर दूर शाहपुर में एक रिसॉर्ट के लिए रवाना हुए। वे वहीं छिपे रहे।

ऐसे हुई मिहिर शाह की गिरफ्तारी

सोमवार की रात मिहिर शाह विरार स्थित अपने घर के लिए निकला। अगली सुबह उसके दोस्त अवदीप ने 15 मिनट के लिए अपना फोन चालू किया, जिससे उनकी लोकेशन का पता चल गया। इसके बाद पुलिस ने मिहिर शाह को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मिहिर शाह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने बाल और दाढ़ी कटवाकर अपना हुलिया बदल लिया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह पता लगाना आवश्यक है कि उसे हुलिया बदलने में किसने मदद की।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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