आखिर क्यों जंगलराज से हो रही है नीतीश शासन की तुलना? तेज बोले- ए चच्चा..! बहीरा हो...गूँगा हो क्या?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 4, 2021, 09:26 PM IST

बिहार के मधुबनी में पिछले हफ्ते हुई पांच लोगों की हत्या के मामले को लेकर नीतीश सरकार कटघरे में है। अपने ही सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

आखिर क्यों जंगलराज  से हो रही है नीतीश शासन की तुलना? तेज बोले- ए चच्चा..! बहीरा हो...गूँगा हो क्या?

मधुबनी: बिहार की नीतीश सरकार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर हैं और कारण है लगातार आपराधिक घटनाओं का बढ़ना। मधुबनी में पिछले हफ्ते हुई पांच लोगों की हत्या के बाद से विपक्ष सरकार पर हमलावर है और लगातार सवाल कर रहा है। इतना ही नहीं अब सरकार में शामिल लोग ही अपने अधिकारियों से सवाल पूछ रहे हैं। वहीं विपक्षी राजद लगातार सरकार को इस मसले पर घेरे हुए हैं।

कानून व्यवस्था पर सवाल
मधुबनी में होली के दिन तीन भाइयों और बीएसएफ के एएसआई समेत पांच की हत्या का मामला थमा भी नहीं था कि कटिहार में शनिवार को गोलियों की गूंज से पूरा शहर थर्रा उठा और राजद नेता निर्मल बबूनी पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलियों बरसार कर हत्या कर दी। इससे पहले सुपौल में तीन युवकों की हत्या और नवादा में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर नीतीश सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है।

विपक्ष हमलावर

इन बढ़ते अपराध के मामलों को लेकर नीतीश कुमार के शासन की तुलना जंगलराज से की जा रीह है। नेता विपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आदरणीय नीतीश जी, क्या आपकी संवेदना मर चुकी है?सत्ता संरक्षित और संपोषित हत्यारों ने तांडव मचा रखा है।आपके अपराधियों के हौसले इतने बुलंद है कि इत्मीनान से नाचते हुए वो एक-एक आदमी पर 27 गोलियाँ दागते है क्योंकि वो जानते है उन्हें बचाने वाला पटना में बैठा है।'

मधुबनी का मामला पकड़ रहा है तूल

मधुबनी में खास जाति के लोगों की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि दोषिय़ों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन जिस तरह से राज्य में लगातार अपराध बढ़ रहा है उससे लोग नीतीश शासन की तुलना पुराने दौर से करने लगे हैं।  मधुबनी हत्याकांड में नीतीश कुमार की चुप्पी को लेकर आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, 'ए चच्चा..! बहीरा हो का या अन्धरा हो..? दिनदहाड़े बिहार में नरसंहार हो गया और आप कुच्छो बोलते नहीं..! गूँगा हो का..?'

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