Tablighi Jamaat: मौलाना साद पकड़ से अभी भी दूर, पुलिस का शिकंजा विदेशी मेहमानों पर कसा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 28, 2020, 04:38 PM IST

Tablighi Jamaat gathering case: तब्लीगी जमात जमा करने के मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 541 विदेशी नागरिकों के खिलाफ 12 आरोप पत्र दाखिल किए हैं।

Tablighi Jamaat: मौलाना साद पकड़ से अभी भी दूर, पुलिस का शिकंजा विदेशी मेहमानों पर कसा

नई दिल्ली: भले ही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच दो महीने बाद भी निजामुद्दीन मरकज तबलीगी कांड के मुख्य आरोपी मौलाना मो. साद पर हाथ नहीं डाल पायी हो, मगर वो अदालत में चार्जशीटें धुंआधार तरीके से भरने में लगी है। अब गुरुवार को दिल्ली पुलिस 12 और नई चार्जशीट दाखिल कर दी हैं। इन चार्जशीटों में भी 3 देशों के करीब 536 उन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जो मरकज तबलीगी पहुंचे थे। बाद में इनके चलते देश में कोरोना जैसी महामारी फैलाने का काम किया।

तबलीगी जमात पहुंचने वाले जिन 541 विदेशी मेहमानों के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच चार्जशीट फाइल कर दी है, वे सब तीन अलग अलग देशों के हैं। उल्लेखनीय है कि बीते 2-3 दिन में दिल्ली पुलिस अब 47 चार्जशीट अदालत में पेश कर चुकी है। इन 47 चार्जशीट में 35 देश के 910 विदेशियों को आरोपी बनाया जा चुका है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक, इन सभी 910 आरोपियों के वीजा केंद्र सरकार रद्द कर चुकी है। साथ ही इन सभी को सरकार ने ब्लैकलिस्ट में भी डाल दिया है। सभी आरोपियों पर महामारी अधिनियम का उल्लंघन करने और संक्रमण फैलाने का आरोप है।

दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीटों में इस बात का भी उल्लेख है कि इन सभी आरोपियों ने धारा 144 का भी उल्लंघन किया है। साथ ही सबने मिलकर क्वारंटाइन कानून की भी धज्जियां उड़ाई हैं।

दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर की

निजामुद्दीन मरकज मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर की। स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि मौलान साद और अन्य ने मरकज में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की अनुमति दी और इस दौरान वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया।

दिल्ली पुलिस की इस जांच में 900 लोगों से पूछताछ की गई है। अपनी स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कोविड-10 का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल डिस्टेंसिंग पर जो गाइडलाइन जारी की थी उसका उल्लंघन हुआ। 

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि मरकज के एक सदस्य को विदेशी सहित जमात के भारतीय सदस्यों को इमारत छोड़कर जाने की बात कही गई लेकिन वहां किसी ने बात नहीं सुनी और गाइडलाइन का पालन नहीं  हुआ। स्टेटस रिपोर्ट में मौलाना साद के उस ऑडियो क्लिप का भी जिक्र किया गया है जिसमें वह अपने अनुयायियों से लॉकडाउन का उल्लंघन कर कार्यक्रम में शामिल होने की बात कह रहे हैं।

निशाने पर मरकज का वित्तीय नेटवर्क भी, ईडी कर रही है जांच

मरकज में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के बारे में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा मरकज के वित्तीय नेटवर्क की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है। यह मामला सामने आने के बाद से ही मरकज के प्रमुख मौलाना साद पुलिस के सामने नहीं आए हैं। मामले की शुरुआत में साद के वकील ने कहा कि मौलाना ने डॉक्टरों की सलाह पर खुद को क्वरंटाइन में रखा है।

रिपोर्ट के मुताबिक मरकज में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बारे में मौलाना एवं उनके लोगों ने स्थानीय प्रशासन को जानकारी नहीं दी। दिल्ली पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग पर दिल्ली सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन का मरकज में जानबूझकर उल्लंघन किया गया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने अपनी इस स्टेटस रिपोर्ट में मरकज और मौलाना साद के बारे में जिन बातों का दावा किया है उसे कोर्ट में साबित करना होगा।

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