Delhi: BTech, IIM ड्रॉपआउट और फैशन डिजाइनर बने ड्रग पैडलर्स; पुलिस की जांच में होश उड़ाने वाले खुलासे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 8, 2022, 02:06 PM IST

Drug Peddlers: दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक ऐसे हाईप्रोफाइल गिरोह का खुलासा किया है जिसमें अच्छे घरों के बच्चे, आईआईएम ड्रॉपआउट, फैशन डिजाइनिंग स्टूडेंट भी शामिल हैं।

Delhi: BTech, IIM ड्रॉपआउट और फैशन डिजाइनर बने ड्रग पैडलर्स; पुलिस की जांच में होश उड़ाने वाले खुलासे
Photo Credit: BCCL

Drug Peddlers in Delhi: दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने एक ऐसे ड्रग सिंडिकेट का खुलासा किया है जो प्रफेशनल कोर्स कर रहे स्टूडेंट को टारगेट कर ड्रग की सप्लाई करते थे। इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों में बीबीए, बीटेक, आईआईएम ड्रॉप आउट और फैशन डिजाइनर भी हैं। ये ड्रग पैडलर्स कथित तौर पर संपन्न परिवारों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारियों और फैशन जगत के पेशेवर छात्रों को एलएसडी ब्लॉटर्स, एमडीएमए क्रिस्टल और "क्यूरेटेड मारिजुआना" जैसे नशीले पदार्थों की डिलिवरी फूड ऐप नेटवर्क से कराते थे।

सात लोग गिरफ्तार

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान का खुलासा नहीं किया है और उनकी शैक्षिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उनके पुनर्वास के विकल्प तलाश रहे हैं। डीसीपी (एएनटीएफ) केपीएस मल्होत्रा ​​ने कहा कि फैशन डिजाइनर और पूर्व आईआईएम छात्र सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एलएसडी की आपूर्ति करने वाला आईआईएम ड्रॉपआउट भी फरार है। मल्होत्रा ​​ने कहा, 'मॉड्यूल ने बातचीत के लिए फोन की जगह के लिए चैट ऐप विकर (Wicker) और डार्कनेट ( Darknet) का इस्तेमाल किया। ड्रग्स को स्थानीय सेवा वितरण नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई किया गया।'

विदेश से आती थी ड्रग्स

इनके पास से पुलिस को एलएसडी के 28 ब्लॉटर्स, 12.6 ग्राम एमडीएमए, 84 ग्राम चरस और 220 ग्राम हशीश बरामद की गई। मॉड्यूल ने डार्कनेट के माध्यम से रूस, अमेरिका और कनाडा से ड्रग्स का आयात किया और फिर ड्रग्स की आपूर्ति कॉलेज के छात्रों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, नाइट क्लबों आदि को की। पुलिस का दावा है कि दिल्ली में एलएसडी की एक स्टैंप 5000 रुपये, एक ग्राम एमडीएमए 4000 रुपये और 3000 रुपये प्रति ग्राम चरस या हशीश बिकता है। जांच प्रारंभिक चरण में है और गिरफ्तारी की संख्या में काफी वृद्धि हो सकती है।

प्रफेशनल पढ़ाई कर चुके लोग कर रहे हैं सप्लाई

एसीपी अनिल शर्मा और इंस्पेक्टर जय भगवान और राकेश दुहान की एक टीम ने वजीराबाद से एक एमबीए छात्र, एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया और उसके पास से क्यूरेटेड मारिजुआना जब्त करने के बाद गिरफ्तारी शुरू हुई। जांच के दौरान, उसकी आपूर्ति का स्रोत बीबीए स्नातक पाया गया, जिसे छतरपुर में उसके फार्महाउस से गिरफ्तार किया गया था। 

पुलिस कर रही है छापेमारी

एक अन्य संदिग्ध को कीर्ति नगर से पकड़ा गया और उसके पास से एलएसडी और एमडीएमए जब्त किया गया। इस संदिग्ध के पास बीटेक की डिग्री थी और यह पाया गया कि नशे की लत के कारण आईआईएम से बाहर हो गया था। उसने खुलासा किया कि उसने पश्चिम विहार के एक निवासी से ड्रग्स की खरीद की, जिसे बाद में गुड़गांव के एक निवासी के साथ पकड़ लिया गया। आईआईएम ड्रॉपआउट ने अपने वरिष्ठ के विवरण का खुलासा किया, जो कॉलेज से बाहर हो गया था और ड्रग्स का कारोबार कर रहा है। उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

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