अफगानिस्तान के खिलाफ रोमांचक जीत के बाद बाबर आजम को आई जावेद मियांदाद की याद 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 8, 2022, 07:00 AM IST

अफगानिस्तान के खिलाफ हार से बाल बाल बचने के बाद बाबर आजम ने बताई दिल की बात, नसीम की बल्लेबाजी देखकर आई जावेद मियांदाद की याद।

अफगानिस्तान के खिलाफ रोमांचक जीत के बाद बाबर आजम को आई जावेद मियांदाद की याद 
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शारजाह:नसीम शाह के बल्ले से 20वें ओवर की शुरुआती दो गेंदों में निकले दो छक्कों ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को शर्मसार होने से बचा लिया। जीत के लिए पाकिस्तान को आखिरी ओवर में अफगानिस्तान के खिलाफ 11 रन बनाने थे। पाकिस्तान का एक विकेट बाकी थी लेकिन अफगानिस्तान के युवा गेंदबाज फजलहक फारूकी अपनी नब्ज पर काबू नहीं रख पाए और नसीम शाह ने लगातार दो छक्के जड़कर पाकिस्तान को एक यादगार जीत दिलाकर एशिया कप 2022 के फाइनल में पहुंचा दिया जहां उसकी भिड़ंत पांच बार की चैंपियन श्रीलंका से होगी।

 बड़ी साझेदारी करने में रहे नाकाम 
अफगानिस्तान के खिलाफ रोमांचक यादगार जीत दर्ज करने के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने कहा, आखिरी ओवरों में ड्रेसिंग रूम में माहौल बेहद तनावभरा था। मैच काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। हम वैसी साझेदारी इस मुकाबले में नहीं कर पाए जैसी पिछले मैच में की थी। नसीम शाह ने जिस तरह मैच फिनिश किया वो शानदार था। उसके बाद सारा माहौल बदल गया।

मैच को ले जाना चाहते थे लंबा 
120 से 140 रन का स्कोर शारजाह की पिच पर आसान नहीं होता, मोहम्मद नबी की इस बात पर सहमती जताते हुए बाबर आजम ने कहा, शारजाह में हमेशा मैच लो स्कोर होता है। जिस तरह के उनके गेंदबाज हैं राशिद खान, मोहम्मद नबी और मुजीब, ये उनके बेस्ट बॉलर हैं। इनके खिलाफ आपको चांस लेना पड़ता है लेकिन हमारी प्लानिंग अलग थी कि जितना ज्यादा हम मैच को लंबा लेकर जाएंगे उतना अच्छा होगा। 

इस वजह से मुकाबला हुआ करीबी 
पूरे मैच में पाकिस्तान के प्रदर्शन का आकलन करते हुए बाबर ने कहा, हमने गेंदबाजी में अच्छी शुरुआत की थी और जिस तरह हमने उन्हें 130 पर रोका उसका श्रेय में गेंदबाजों को देना चाहूंगा। बल्लेबाजी में हम साझेदारी करने में नाकाम रहे। हम अपनी योजनाओं पर अमल नहीं कर सके। इसी वजह से मैच इतना लंबा चला गया। 

नसीम की बल्लेबाजी पर था भरोसा
आखिरी दो गेंद में पाकिस्तान के कप्तान के दिल का क्या हाल था, मैं उस वक्त ड्रेसिंग रूम में था और दिमाग में बहुत सारे ख्याल आ रहे थे लेकिन दिमाग में ये बात भी आ रही थी कि क्रिकेट है कुछ भी हो सकता है। नसीम शाह ऐसी बैटिंग करता है वो मैंने देखा है तो मुझे थोड़ा भरोसा था। लेकिन उसने जिस तरह मैच को फिनिश किया वो शानदार था। 

नसीम ने दिला दी जावेद मियांदाद की याद
दो छक्के जड़कर टीम को फाइनल में पहुंचाना बड़ी बात है, तो इसके जवाब में बाबर ने कहा, इन दो छक्कों ने जावेद मियांदाद की याद दिला दी जिन्होंने भारत के खिलाफ शारजाह में आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर जीत दिलाई थी। वही कहानी आज फिर से दोहराई गई है। 
 

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