'मैंने फुटबॉल खिलाड़ियों की तरह किया', रविचंद्रन अश्विन ने खुद को ‘रिटायर आउट' करने पर तोड़ी चुप्पी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 13, 2022, 06:32 PM IST

Ravichandaran Ashwin on Retire Out: रविचंद्रन अश्विन ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खुद को ‘रिटायर आउट' करने के फैसले पर चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि निकट भविष्य में ऐसा काफी देखने को मिलेगा।

'मैंने फुटबॉल खिलाड़ियों की तरह किया', रविचंद्रन अश्विन ने खुद को ‘रिटायर आउट' करने पर तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली: आर अश्विन को लगता है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पहले ही रणनीतिक कदम के तौर पर ‘रिटायर्ड आउट’ का इस्तेमाल देर से कर रहा है और पहली बार करके इसकी शुरूआत करने वाले भारतीय स्पिनर को उम्मीद है कि निकट भविष्य में ऐसा काफी देखने को मिलेगा। अश्विन रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के लिये छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे लेकिन 19वें ओवर में दो गेंद के बाद मैदान छोड़कर चले गये जिससे रियान पराग क्रीज पर उतरे। अश्विन ने रिटायर आउट होने से पहले 23 गेंद में 28 रन बनाये।

'मैंने फुटबॉल खिलाड़ियों की तरह किया'

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल से कहा, 'टी20 बतौर खेल उस ओर जा रहा है जहां फुटबॉल पहुंच चुका है। फुटबॉल में जिस तरह स्थानापन्न खिलाड़ियों का इस्तेमाल होता है, मैंने उसी तरह (रिटायर आउट होकर) किया। हमें पहले ही इसमें देर हो चुकी है, लेकिन मेरा मानना है कि आगामी दिनों में ऐसा काफी देखने को मिलेगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह ‘नॉन स्ट्राइकर’ छोर पर खड़े खिलाड़ी को रन आउट करने जैसा ‘दाग’ होगा।' हालांकि उन्हें लगता है कि यह कदम शायद हमेशा काम नहीं करेगा।

'टी20 क्रिकेट में पूरी तरह से प्रवेश नहीं किया'

उन्होंने कहा, 'यह कभी कभार कारगर हो सकता है और कभी कभार नहीं भी। फुटबॉल में ये चीजें लगातार होती हैं और हमने टी20 क्रिकेट में पूरी तरह से प्रवेश नहीं किया है। यह सहस्त्राब्दी का खेल है। यह अगली पीढ़ी का खेल है।' अश्विन ने कहा, 'बल्कि आप फुटबॉल में देखोगे कि मेस्सी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो अकसर गोल करते हैं। लेकिन उनकी टीम के गोलकीपर को हमेशा गोल बचाने चाहिए और उनके डिफेंडरों को हमेशा अच्छा बचाव करना चाहिए। तभी मेस्सी या रोनाल्डो सुर्खियों में होंगे।'

वह अंतिम ओवरों में इच्छानुसार बाउंड्री नहीं लगा सकते थे तो अश्विन ने सोचा कि बेहतर होगा पराग के लिये रास्ता बनाया जाये। अश्विन ने कहा, 'यह सिर्फ रणनीतिक कदम था। बल्कि रियान पराग बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था और जब (के) गौतम का (16वां) ओवर समाप्त हुआ तो मैंने खुद को कुछ समय दिया - पांच से छह गेंद - यह देखने के लिये कि मैं एक छक्का या दो चौके लगा सकता हूं।'

'अगर वह दो छक्के लगा देता तो अच्छा स्कोर...'

उन्होंने कहा, 'मैंने हिट करने की कोशिश की और सही से टाइम नहीं कर सका। लेकिन रियान पराग जैसा खिलाड़ी जो डगआउट में बैठा था और केवल 10 गेंद बची थीं। अगर वह आता और दो छक्के लगा देता तो हम अच्छा स्कोर बना सकते थे। यह रणनीतिक फैसला था।' अश्विन आईपीएल में ‘नॉन-स्ट्राइकर’ छोर पर रन आउट करने वाले भी पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने 2019 में जोस बटलर को इसी तरह आउट कर विवाद खड़ा कर दिया था।

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