शेन वॉटसन ने कहा- आईपीएल सर्वश्रेष्ठ, राह से भटक गई है बिग बैश लीग 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 15, 2020, 01:03 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन(Shane Watson) ऐसे चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिनके पास आईपीएल(IPL) और बिग बैश लीग(BBL) दोनों में खेलने का अनुभव है। उन्होंने दोनों लीग के बीच अंतर बताया है। 

शेन वॉटसन ने कहा- आईपीएल सर्वश्रेष्ठ, राह से भटक गई है बिग बैश लीग 

सिडनी: इस बारे में किसी कोई संदेह नहीं है कि आईपीएल दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग है। इसके अलावा भी दुनियाभर में अन्य देशों में फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग का आयोजन हो रहा है लेकिन कोई भी आईपीएल के बराबर लोकप्रियता हासिल नहीं कर सकती है। वहीं आईपीएल में जिस तरह की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट देखने को मिली है उसका अभाव ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग, पाकिस्तान सुपर लीग और कैरेबियाई प्रीमियर लीग में दिखाई पड़ता है। 

क्वालिटी ऑफ क्रिकेट की वजह से आईपीएल लोकल से ग्लोबल होता जा रहा। इस बात की तस्दीक ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान शेन वॉटसन ने की है जो साल 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद दुनियाभर की टी20 लीग में खेल रहे हैं। वॉटसन का भी मानना है कि क्वालिटी और क्रिकेट आईपीएल को अन्य लीग से अलग करती है। 

बेहतर है आईपीएल की गुणवत्ता
आईपीएल और बीबीएल में अंतर बताते हुए वॉटसन ने कहा, मैं सभी चीजों से वाकिफ हूं उसी आधार पर कह रहा हूं कि जिस गुणवत्ता की क्रिकेट बिग बैश लीग में खेली जा रही है वो दुनिया के कुछ लीग की तुलना में कमतर है। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलने वाले वॉटसन ने ये बात अपने ब्लॉग में लिखी है। उन्होंने कहा, एक चीज जो आईपीएल और पीएसएल में जो अलग बात है वो खेल की गुणवत्ता और उत्पाद है। ये उनकी पहली प्राथमिकता है। इस दिशा से बीबीएल अपनी राह से भटक चुका है। क्रिकेट की गुणवत्ता को बिग बैश लीग में दूसरे पायदान पर रख दिया गया है और मनोरंजन को पहली प्राथमिकता बना दिया गया है।

जरूरत से ज्यादा लंबा होता है बीबीएल
ऑस्ट्रेलिया के इस स्टार खिलाड़ी ने बीबीएल की कमियों को इंगित करते हुए कहा टूर्नामेंट की लंबाई उन कमियों में से एक है। उन्होंने ये भी सलाह दी कि कुछ बदलाव विदेशी खिलाड़ियों की लीग में भागीदारी को लेकर करने होंगे। उन्होंने कहा, टूर्नामेंट का आयोजन बहुत लंबा है। ये उन सभी परिवारों के लिए बेहद निराशाजनक है जो टूर्नामेंट को करीब से फॉलो करते हैं और उस दौरान स्कूल खुल जाते हैं। अभिभावक स्कूल के दिन भी चाहते हैं कि देर रात तक मैच देखें।'





उन्होंने आगे कहा, बीबीएल में 8 टीमें हैं ऐसे में खिलाड़ियों के पूल को पहले ही ज्यादा लंबा कर दिया गया है। ऐसे में टूर्नांमेंट के लंबा होने की स्थिति में आपको अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को फिट रखने की सबसे बड़ी चुनौती आपके सामने होती है। मौजूदा दौर में यदि एक टीम के कुछ खिलाड़ी चोटिल हो जाएं तो उन्हें उनकी जगह भरने के लिए क्लब स्तर के खिलाड़ियों की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसा करते करते सीजन खत्म हो जाता है। यदि बीबीएल को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ लीग बनना है तो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की भागीदारी इसमें सुनिश्चित करनी होगी। 

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