आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का आगाज हो गया है, जिसमें भारतीय टीम और न्यूजीलैंड आमने-सामने हैं। शनिवार को न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया। लेकिन आपने मैच शुरू होते ही गौर किया होगा कि भारतीय खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर खेल रहे हैं। दरअसल, टीम इंडिया ने बांह पर काली पट्टी भारत के पूर्व दिग्गज धावक और 'फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह के सम्मान में पहनी है। मिल्खा सिंह का शुक्रवार रात को कोरोना संक्रमण से जूझने के निधन हो गया। पद्मश्री मिल्खा सिंह 91 वर्ष के थे।
खिताबी मुकाबला शुरू होने के बाद बीसीसीआई ने भी अपने आधाकिरिक ट्विटर अकाउंट पर इस संबंध में जानकारी दी। बीसीसीआई ने लिखा, 'टीम इंडिया मिल्खा सिंह के सम्मान में ब्लैक बैंड्स पहनकर खेल रही है, जिनका कोरोना के कारण निधन हो गया।' बीसीसीआई ट्वीट के बाद कमेंट बॉक्स में क्रिकेट फैंस मिल्खा सिंह को अपने-अपने अंदाज में श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कोई जहां इस कदम के लिए टीम इंडिया की तारीफ तो कर रहा तो किसी ने पूर्व धावक के शानदार करियर को याद किया। वहीं, कइयों ने कहा कि भारतीयों को हमेशा इसी तरह एकजुट रहना चाहिए।

गौरतलब है कि मिल्खा सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में एक और एशियन गेम्स में 4 गोल्ड मेडल जीते। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे। हालांकि, उन्हें के रोम ओलंपिक में मेडल से चूकने का बेहद मलाल रहा। इस दौड़ में कांस्य पदक विजेता का समय 45.5 था और मिल्खा ने 45.6 सेकेंड में दौड़ पूरी की थी।' उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने एक दशक से भी अधिक समय तक ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में अपना दबदबा कायम रखा। उनकी रफ्तार की दुनिया कायल थी।

