गंभीर ने लगाई टीम मैनेजमेंट की फटकार, कहा-इन दो खिलाड़ियों के साथ नहीं हो रहा सही व्यवहार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 25, 2020, 05:35 PM IST

बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए भारतीय एकादश का ऐलान होने के बाद गौतम गंभीर ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि इन दो खिलाड़ियों के साथ नहीं हो रहा है सही व्यवहार।

गंभीर ने लगाई टीम मैनेजमेंट की फटकार, कहा-इन दो खिलाड़ियों के साथ नहीं हो रहा सही व्यवहार

नई दिल्ली: टीम इंडिया के पूर्व ओपनर गौतम गंभीर ने शुक्रवार को बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए टीम इंडिया की प्लेयिंग इलेवन का ऐलान किए जाने के बाद आड़े हाथों लिया है। गंभीर ने कहा है कि टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ी को असुरक्षित महसूस करने को मजबूर कर दिया है। साथ ही उन्होंने टेस्ट टीम में अजिंक्य रहाणे और रिषभ पंत के रोटेशन को गलत बताया है। 

एडिलेड टेस्ट में खेलने वाले साहा को रहाणे ने एमसीजी में खेले जाने वाले बॉक्सिंग टेस्ट से बाहर कर दिया है। ऐसा पहले मैच में खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन की वजह से किया गया है। ऐसे में गंभीर ने टीम मैनेजमेंट से पूछा है कि यदि रिषभ पंत अगले दो मैचों में असफल बोते हैं तो क्या उनके साथ भी ऐसा ही किया जाएगा। 

अगर पंत होंगे असफल फिर क्या होगा..
गंभीर ने कहा, पहले टेस्ट के बाद साहा को टीम से बाहर करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें केवल एक मैच खेलने का मौका मिला और वो उसमें अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके, इस कारण उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।' उन्होंने आगे कहा, कल्पना कीजिए यदि पंत दूसरे और तीसरे टेस्ट में अच्छा नहीं करते हैं तो आप क्या करेंगे? क्या आप साहा के पास वापस जाएंगे।'

खिलाड़ियों को सुरक्षा देने में असफल रहा है मैनेजमेंट
गंभीर ने कहा, केवल बोलने से खिलाड़ी सुरक्षित महसूस नहीं करता है इसके लिए आपको काम करना होता है और मौजूदा दौर में ऐसा करने में टीम मैनेजमेंट असफल रहा है। इसलिए यह टीम अस्थिर दिखाई देती है क्योंकि कोई भी खिलाड़ी सुरक्षित नहीं है। प्रोफेशनल स्पोर्ट्स में सुरक्षा अहम होती है। हर कोई जो देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है वो प्रतिभाशाली है। लेकिन वो सुरक्षा और विश्वास चाहते हैं कि हम तुम्हारे साथ हैं ऐसा सिर्फ बातों में नहीं हकीकत में होना चाहिए। 

भारत के अलावा और कोई टीम नहीं करती है ऐसा
गंभीर ने आगे कहा, भारत के अलावा और कोई टीम परिस्थितियों के अनुसार विकेटकीपर को नहीं बदलती है। उन्होंने कहा, वास्तव में यह रिषभ पंत और रिद्धिमान साहा दोनों के साथ लंबे समय से सही नहीं हो रहा है जब उनका टीम में चयन परिस्थितियों के अनुसार होता है। आप ऐसा गेंदबाजों के साथ करते हैं विकेटकीपर के साथ नहीं। विदेशी सरजमीं पर आप परिस्थितियों के अनुसार दो स्पिनर्स खिलाने का फैसला करते हैं तो ये समझ में आता है लेकिन भारत के अलावा ऐसी कौन सी टीम है जो परिस्थितियों के अनुसार विकेटकीपर का चयन करती है।
 
फालतू है टीम मैनेजमेंट की ये थ्योरी
गंभीर ने घरेलू और विदेशी सरजमीं पर अगल-अगल विकेटकीपर की थ्योरी को फालतू करार देते हुए कहा, मैंने इस रोटेशन थ्योरी पर कभी यकीन नहीं किया कि रिद्धिमान साहा उपमहाद्वीप की विकटों पर अच्छे विकेटकीपर हैं और रिषभ पंत विदेशी सरजमीं पर। अगर आप भारत में अच्छे हैं तो आपको विदेशी परिस्थितियों में भी अच्छा करना चाहिए। भले ही वो ऐसा करता है या नहीं ये मायने नहीं रखता।'



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