चार साल पहले चेन्नई में भारत-इंग्लैंड के बीच हुई थी ऐतिहासिक भिड़ंत, रचे गए थे इतिहास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 4, 2021, 09:38 AM IST

भारत और इंग्लैंड के बीच चार साल पहले चेन्नई में हुई आखिरी भिड़ंत में कई इतिहास रचे गए थे। आइए उनपर नजर डालते हैं।

चार साल पहले चेन्नई में भारत-इंग्लैंड के बीच हुई थी ऐतिहासिक भिड़ंत, रचे गए थे इतिहास

चेन्नई: भारत और इंग्लैंड के बीच चार मैच की टेस्ट सीरीज का शुक्रवार से चेन्नई के चेपक स्टेडियम में होने जा रहा है। चार साल पहले भारत दौरे पर आई इंग्लैंड की टीम ने इसी मैदान पर सीरीज का आखिरी टेस्ट खेला था और उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। और पांच मैच की सीरीज में एलेस्टर कुक की टीम का सूपड़ा साफ हो गया और भारत ने 4-0 के अंतर से सीरीज अपने नाम कर ली। 

मोईन के शतक की मदद से खड़ा किया विशाल स्कोर 
इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। 21 के स्कोर पर कप्तान एलेस्टर कुक और कीटन जेनिंग्स के पवेलियन वापस लौटने के बाद जो रूट और मोईन अली ने पारी की संभाला। 88 रन बनाकर जो रूट पवेलियन लौट गए लेकिन मोईन अली ने शानदार शतक(146) जड़कर टीम को पहली पारी में 477 रन के स्कोर तक पहुंचाया। आदिल राशिद ने इस दौरान 60 और लियाम डॉसन ने 66 रन का योगदान दिया। 

दोहरे शतक से चूके केएल राहुल 
बल्लेबाजी के लिए मददगार पिच पर खेलने उतरी टीम इंडिया को पार्थिव पटेल और केएल राहुल की जोड़ी ने शतकीय शुरुआत दी। पार्थिव पटेल 71 रन बनाकर आउट हुए तो चेतेश्वर पुजारा(16) और विराट कोहली(15) भी पवेलियन लौट गए। ऐसे में मुश्किल में फंसी टीम इंडिया को केएल राहुल और करुण नायर ने संभाला। 

दोनों बल्लेबाजों ने पिचपर टिककर बल्लेबाजी करते हुए चौथे विकेट के लिए 162 रन की साझेदारी करके संभाला। लेकिन केएल राहुल अपना पहला दोहरा शतक पूरा करने से एक रन से चूक गए और 199 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। ऐसे में अपना तीसरा टेस्ट खेल रहे करुण नायर ने हाथ आए शानदार मौके को खाली नहीं जाने दिया और देखते ही देखते अपना शतक और फिर दोहरा शतक पूरा कर लिया। 

तिहरा शतक जड़कर नायर ने रचा इतिहास 
करुण नायर के पास दोहरा शतक जड़ने के बाद तिहरा शतक जड़ने का भी शानदार मौका था और उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर कुटाई की। पहले तो उन्होंने रविचंद्रन अश्निन के साथ छठे विकेट के लिए 181 और रवींद्र जडेजा के साथ सातवें विकेट के लिए 138 रन जोड़े। इसी दौरान उन्होंने 381 गेंदों में 32 चौके और 4 छक्कों की मदद से अपना तिहरा शतक पूरा कर लिया। वो वीरेंद्र सहवाग के बाद टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय बन गए। दोहरे शतक से तिहरे शतक तक पहुंचने के लिए नायर ने केवल 75 गेंद का सामना किया। नायर के तिहरा शतक पूरा करते ही टीम इंडिया ने  759/7 के स्कोर पर पारी समाप्ति की घोषणा कर दी। वो 303* रन बनाकर नाबाद रहे। 

जडेजा ने जड़ा विकेटों का सत्ता 
भारतीय टीम को पहली पारी में 282 रन की बढ़त हासिल हुई। ऐसे में गेंदबाजी करने उतरी टीम इंडिया के लिए रवींद्र जडेजा ने कहर बरपाते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों को पिच पर पैर नहीं जाने दिए। जडेजा ने 48 रन देकर सात विकेट लिए और पूरी टीम को 207 रन पर ढेर करके 75 रन के अंतर से भारत की जीत में अहम योगदान दिया। एलेस्टर कुक(49), कीटन जेनिंग्स(54) और मोईन अली(44) के अलावा और कोई इंग्लिश बल्लेबाज लंबे समय तक पिच पर नहीं टिक सका। 7 बल्लेबाज तो दो अंक के आंकड़े को भी नहीं छू सके और इस तरह भारत एक और ऐतिहासिक जीत दर्ज करने में सफल हुआ।

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