देश के किस शहर को कहा जाता है सिटी ऑफ फ्लाइओवर्स
- Authored by: Digpal Singh
- Updated Feb 4, 2026, 01:17 PM IST
देश के अलग-अलग शहरों को अलग-अलग उपनामों से पुकारा जाता है। जैसे जयपुर को गुलाबी नगरी और लखनऊ को नवाबों का शहर कहा जाता है। इसी तरह से बेंगलुरू को सिलकॉन सिटी ऑफ इंडिया और मुंबई को Financial Capital of India कहते हैं। क्या आप जानते हैं सिटी ऑफ फ्लाइओवर्स किस शहर को कहते हैं? चलिए जानते हैं -
फ्लाइओवर्स का शहर कहलाती है ये सिटी
आज देश के लगभग सभी महानगरों में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। छोटे शहरों की तरफ भी गांवों से लोगों का पलायन देखने को मिल रहा है। इससे शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार बदलाव करने की जरूरत पड़ रही है। सड़कें चौड़ी करने से अब काम नहीं बन रहा है, ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए फ्लाइओवर्स का जाल बिछाना पड़ रहा है। इस मामले में दिल्ली-मुंबई जैसे कई शहरों में एक के बाद एक कई फ्लाइओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। लेकिन देश में सिटी ऑफ फ्लाइओवर्स का ताज न तो दिल्ली के सिर पर है न ही मुंबई के। चलिए जानते हैं किस शहर को सिटी ऑफ फ्लाइओवर्स कहा जाता है?
City of Flyovers
न दिल्ली, न मुंबई और न ही बेंगलुरू, कोलकाता या हैदराबाद, बल्कि चेन्नई को सिटी ऑफ फ्लाइओवर्स कहा जाता है। यह शहर देश के प्रमुख महानगरों में शामिल है। चेन्नई शहर में फ्लाइओवर्स और एलिवेटेड कॉरिडोर का बड़ा नेटवर्क है। यह फ्लाइओवर्स और एलिवेटेड कॉरिडोर्स चेन्नई को एक अलग पहचान देते हैं। बढ़ते ट्रैफिक दबाव और तेजी से फैलते रिहायशी इलाकों को जोड़ने के लिए चेन्नई ने कई दशक पहले फ्लाइओवर्स और एलिवेटेड कॉरिडोर का रास्ता अपनाया था।
चेन्नई में कितने फ्लाइओवर्स हैं?
जनवरी 2026 तक के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार चेन्नई महानगर क्षेत्र में कुल 61 फ्लाइओवर पर ट्रैफिक चालू है। यही नहीं शहर में अभी 19 नए फ्लाइओवर निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। जो 19 फ्लाइओवर अभी निर्माणाधीन हैं, उनमें से ज्यादातर उत्तर चेन्नई में हैं। हाल के वर्षों में चेन्नई महानगर में इंफ्रा विकास ने तेज रफ्तार पकड़ी है।

शहर में आवागमन को आसान बनाते हैं ये फ्लाइओवर
चेन्नई की जनसंख्या कितनी है?
चेन्नई का लगातार विस्तार हो रहा है और इसी के साथ फ्लाइओवर्स की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। चेन्नई की मौजूदा जनसंख्या 1.2 करोड़ से अधिक हो चुकी है। पिछले कुछ दशकों में शहर की जनसंख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए शहर में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर भी काफी मजबूत चाहिए, इसीलिए शहर में इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइओवर्स मौजूद हैं और आगे भी बनाए जा रहे हैं।
चेन्नई ने शहर के ट्रैफिक जाम से निपटने और लोगों की लाइफ कुछ आसान बनाने के लिए एलिवेटेड कॉरडोर को बड़े ही प्रभावी समाधान के तौर पर अपनाया है। आज चेन्नई शहर को देखें तो लगभग हर बड़े चौराहे और मुख्य सड़क पर फ्लाइओवर बने हुए हैं।

चेन्नई में 61 फ्लाइओवर्स हैं, 19 और बन रहे हैं
चेन्नई का 56 साल पुराना फ्लाइओवर
चेन्नई को आज सिटी ऑफ फ्लाइओवर्स कहा जाता है। यहां के सबसे प्रतिष्ठित फ्लाइओवर का नाम अन्ना फ्लाइओवर है, इस फ्लाइओवर को जेमिनी फ्लाइओवर भी कहा जाता है। बता दें कि अन्ना फ्लाइओवर को 1970 के दशक में बनाया गया था। यह चेन्नई ही नहीं, बल्कि देश के शुरुआती फ्लाइओवर्स में से एक है। अन्ना फ्लाइओवर शहर के सेंटर में है और अपने डिजाइन के कारण भी आज तक यह चेन्नई की पहचान बना हुआ है।
चेन्नई में सरकार ने लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश किया है। इसी के कारण इस महानगर को एक अलग पहचान मिली है। चेन्नई में आधुनिक फ्लाइओवर्स का जाल, इस शहर की विरासत है।
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