Funniest Names of Slap: भारत दुनिया का ऐसा इकलौता देश है जहां पर हर राज्य और शहर में बोली के साथ पहनावे में अंतर दिखेगा। एक प्रसिद्ध कहावत भी है कोस कोस पर बदले पानी और चार कोस पर वाणी यानी कोस कोस पर पानी और वाणी (बोली) बदल जाती है। ऐसा ही अंतर आपको 'थप्पड़' शब्द के साथ देखने को मिलेगा। दरअसल, भारत के शहरों में थप्पड़ शब्द को कई प्रकार के नाम दिए गए हैं, इन्हें आप समानार्थी भी कह सकते हैं। हो सकता है कि थप्पड़, चांटा और लाफा जैसे शब्द आपने सुने हों, लेकिन कुछ शहरों के शब्द ऐसे मिलेंगे जो आपको हंसा-हंसाकर थका देंगे। जिन शहरों में थप्पड़ के अतरंगी नाम हैं वे शहर कानपुर और बनारस (वाराणसी) हैं। यहां की बोलचाल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत में अन्य शहरों की अपेक्षा अलहदा है। तो चलिए अब हम आपको इन राज्य/शहरों के नाम साथ ये बताते हैं कि वहां थप्पड़ को क्या कहते हैं:
थप्पड़ के अतरंगी नाम
दिल्ली - तमाचा
प्रयागराज - झापड़
लखनऊ - थप्पड़/चांटा
बिहार - लप्पड़
हरियाणा और मेरठ - रैप्टा
मुंबई - लाफा
बनारस (वाराणसी) - पड़ाका
कानपुर - कंटाप
शहरों की विशेषता
यूं तो थप्पड़, चांटा, तमाचा बड़े ही कॉमन नाम हैं लेकिन बनारस और कानपुर में लोग मानते हैं कि पड़का-कंटाप बोलने में अलग फीलिंग है। तफरीह और अल्हड़पन के लिए विश्व विख्यात शहर बनारस और कानपुर दोनों ही अपनी खुशमिजाजी के लिए जाने जाते हैं..यही वजह है कि इन शहरों में लोग शब्दों में क्रिया विशेषण का प्रयोग ज्यादा करते हैं। इसे ऐसे समझें कि, कानपुर के लोग महज ये नहीं कहते हैं कि 'कंटाप मारेंगे' बल्कि कहते हैं 'हुसड़ के कंटाप मारेंगे।' इन दोनों शहरों के साथ-साथ दिल्ली, प्रयागराज, लखनऊ और बिहार में भी लोगों की जीवनशैली शहरों की जिंदादिली पर आधारित है और हर शहर में कुछ न कुछ खास है।
