राजधानी दिल्ली में सीईसी और एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि उन्होंने प्रदर्शन नहीं करने का कोई बॉन्ड नहीं भरा है और वे दोबारा सड़कों पर उतरेंगे। इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने,उनके साथ कथित मारपीट करने और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा,“मैंने ऐसा कोई बॉन्ड नहीं भरा है, जिसमें कहा गया हो कि हम प्रदर्शन नहीं करेंगे। हम फिर सड़कों पर उतरेंगे।” इससे पहले सीजेपी ने 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पिछले 72 घंटों के घटनाक्रम पर अपनी बात रखी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
‘चुनाव आयोग से जवाब मांगना जारी रहेगा’
CJP नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही मांगने के लिए है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे को अपने खिलाफ लड़ाई बना दिया है। वहीं, सौरव दास ने सरकार को घेरते हुए कहा कि लोग निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। सरकार को इन प्रदर्शनकारियों की चिंताओं पर बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल को बुलाना चाहिए था,न कि पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना चाहिए था।दिल्ली एयरपोर्ट पर नेताओं को रोकने का दावा
CJP ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के बाद जबरन रोका गया और अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। पार्टी का दावा है कि उन्हें हिरासत के लिखित आधार नहीं बताए गए और कानूनी मदद तक पहुंचने में भी बाधा आई। रत्ना सिंह को भी अलग से पुलिस द्वारा ले जाए जाने और हिरासत में उनके साथ सख्ती किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पार्टी ने हिरासत में लिए गए लोगों के निजी मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उसने मांग की कि हिरासत में कथित दुर्व्यवहार और पुलिस कार्रवाई की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाए।
ध्रुव राठी की हिरासत का मामला भी उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने का मुद्दा भी उठाया। सीजेपी ने कहा कि राठी ने दिल्ली से लौटने के बाद जारी एक वीडियो में दावा किया कि सादे कपड़ों में आए लोग उन्हें बिना कानूनी वारंट के उनके घर से ले गए थे।महिला प्रदर्शनकारियों से कथित दुर्व्यवहार पर भी सवाल
इस दौरान सीजेपी ने महिला और युवा प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा का मुद्दा भी उठाया। CJP ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक युवती और अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई और जब ये हो रहा था तब मौके पर कई पुलिसकर्मी थे, तब भी उन्होंने कथित तौर पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
पिंकी चौधरी को लेकर कही ये बात
पार्टी ने हिंदू रक्षा दल के प्रमुख पिंकी चौधरी के सार्वजनिक बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर उनके कार्यकर्ताओं के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान हमलों में शामिल होने की बात कही गई थी। CJP ने इन आरोपों की जांच और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP ने इस दौरान मांग करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अब भी गैरकानूनी तरीके से हिरासत में है तो उसे रिहा किया जाए। साथ ही पार्टी ने पुलिस की कथित ज्यादतियों की जवाबदेही तय करने, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शांतिपूर्ण सभा पर लगी पाबंदियां खत्म करने की मांग की।
