शहर

10 Din Ka Mausam: 20 अक्टूबर तक मौसम लेगा करवट, दिल्ली से दक्षिण भारत तक आंधी-बारिश और ओलों से बढ़ेगी मुश्किल

Agle 10 Din Ka Mausam 11 to 20 October 2026 (अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा) Floods, Cloudburst, IMD Red, Yellow Alert weather Update: अक्टूबर के दूसरे दौर में कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली से लेकर दक्षिण भारत तक कई इलाकों में गरज-चमक, आंधी और भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि कुछ राज्यों में ओले गिरने का भी खतरा है।

Image

अगले 10 दिन का मौसम

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Agle 10 Din Ka Mausam Kaisa Rahega (अगले 10 दिन का मौसम): देशभर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 से 17 अक्टूबर के बीच दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों में बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी से होकर गुजर रही है। इसके अलावा, यह रेखा 27.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.5 डिग्री पूर्वी देशांतर से होते हुए 15 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 72 डिग्री पूर्वी देशांतर तक फैली हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश तक निचले वायुमंडलीय स्तर पर एक ट्रफ बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मौजूद है। मन्नार की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों तथा लक्षद्वीप और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम विभाग ने बताया कि मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण अगले 24 घंटों के दौरान अंडमान सागर की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके विकसित होने से आने वाले दिनों में क्षेत्रीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में अगले 10 दिन का मौसम

दिल्ली में 11 से 17 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आसमान में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 अक्टूबर को दिल्ली में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज आंधी का खतरा भी बना हुआ है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के साथ इसकी गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। 12 से 15 अक्टूबर के बीच भी दिल्ली में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इस अवधि में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है।

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में 11 से 17 अक्टूबर के बीच बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 11 और 12 अक्टूबर, 14 अक्टूबर तथा 16 और 17 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 11 से 13 अक्टूबर और 16 से 17 अक्टूबर तक, जबकि उत्तराखंड में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान बारिश हो सकती है। पंजाब में 12 से 14 अक्टूबर और पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 से 16 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 13 और 15 अक्टूबर तथा हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, पंजाब में 11 और 15 अक्टूबर को व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है।

11 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पंजाब में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 11 अक्टूबर तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 13 से 16 अक्टूबर, हिमाचल प्रदेश में 11 से 15 अक्टूबर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। 11 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसी दिन पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है, जिसके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। वहीं, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने के भी आसार हैं। ऐसे में लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

मध्य भारत के राज्यों में बारिश के आसार

मध्य भारत में मौसम की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। छत्तीसगढ़ में 12 और 13 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 अक्टूबर को बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 11 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 12 से 17 अक्टूबर तक भी कुछ इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 अक्टूबर तथा 16 और 17 अक्टूबर को बारिश हो सकती है, जबकि गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 14 से 17 अक्टूबर तक बारिश होने के आसार हैं। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर, बिहार में 11 और 12 अक्टूबर तथा 15 से 17 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है। इसके अलावा, बिहार में 16 और 17 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। ओडिशा में 11 अक्टूबर को भी तेज हवाओं, बिजली और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 11 अक्टूबर तथा 15 से 17 अक्टूबर के दौरान बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 11 अक्टूबर तथा 13 से 17 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के बीच रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त, 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक तथा बिजली गिरने की संभावना है।

दक्षिणी भारत में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश की संभावना

दक्षिणी भारत में 11 से 17 अक्टूबर के बीच कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 11 से 14 अक्टूबर, जबकि लक्षद्वीप में 11 से 15 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 14 और 15 अक्टूबर तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 16 और 17 अक्टूबर को व्यापक बारिश हो सकती है। मौसम के इस बदलाव के साथ कुछ इलाकों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 11 से 15 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 11 अक्टूबर तथा 14 और 15 अक्टूबर को भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। दूसरी ओर, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। केरल और माहे में 12 और 13 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इसके अलावा, 16 और 17 अक्टूबर को केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम के ऐसे हालात 20 अक्टूबर तक रह सकते हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article