Begusarai Old Name: बिहार का औद्योगिक केंद्र कहा जाने वाला बेगूसराय, अपने दामन में इतिहास की एक बेहद खूबसूरत और दिलचस्प कहानी समेटे हुए है। बिहार के दिल (राज्य के केंद्र) में बसा बेगूसराय केवल चिमनियों और उद्योगों का शहर नहीं, बल्कि यह वह धरती है जहां मिथिला की बारीकियां और गंगा की लहरें एक साथ मिलकर इतिहास लिखती है। यह जिला अपनी प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग के रंगों और कार्तिक मास में लगने वाले 'सिमरिया मेले' के लिए जाना जाता है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बेगूसराय के नाम के साथ बेगम सराय से बेगूसराय के सफर और इस नाम का अर्थ क्या है? आदि के बारे में बताएंगें।
बेगूसराय की स्थापना कब हुई थी?
बेगूसराय की आधुनिक प्रशासनिक यात्रा आज से लगभग 150 साल पहले शुरू हुई थी। साल 1870 में, इसे मुंगेर जिले के एक 'सब-डिवीजन' (उपखंड) के रूप में स्थापित किया गया था। लंबे समय तक मुंगेर के साये में रहने के बाद, इस क्षेत्र अपनी एक पहचान मिली। 2 अक्टूबर 1972 बेगूसराय मुंगेर से अलग होकर औपचारिक रूप से एक जिले के रूप में स्थापित किया गया। यह शहर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि के तौर पर भी जाना जाता है।
बेगूसराय का प्राचीन नाम क्या था?
जब भी बेगूसराय का जिक्र होता है, तो अक्सर चर्चा 'बेगम सराय' पर आकर रुक जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस औद्योगिक शहर की जड़ें बहुत ज्यादा गहरी और प्राचीन हैं? अगर आप बेगूसराय को केवल नवाबों के दौर से जोड़कर देखते हैं, तो आपको इस शहर के अतीत से अभी ओझल हैं। बेगूसराय का प्राचीन इतिहास नामक एक पुस्तक के अनुसार, माना जाता है कि शहर का नाम प्राचीन काल में अंगुत्तराप था। फिर एक समय पर इसे स्वर्ण भूमि के रूप में भी जाना गया।
बेगम सराय से बेगूसराय कैसे बना शहर?
बहुत कम लोग जानते हैं कि जिसे आज हम 'बेगूसराय' कहते हैं, उसका असली नाम कभी 'बेगम सराय' हुआ करता था। यह नाम किसी युद्ध या राजा के नाम पर नहीं, बल्कि गंगा के शीतल तट से लगाव रखने वाली एक बेगम की यादों पर आधारित है। इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि पुराने समय में भागलपुर के नवाब की बेगम को यह क्षेत्र बेहद प्रिय था। गंगा नदी के किनारे बसा यह शांत और सुरम्य इलाका बेगम के दिल को ऐसा भाया कि वे अक्सर यहां विश्राम करने और वक्त बिताने आया करती थी। बेगम की इसी पसंद और उनके बार-बार यहां आने के कारण इसे बेगम सराय के नाम से जाना गया। समय बीतने के साथ बेगम सराय नाम स्थानीय लोगों की जुबान पर चढ़कर बेगूसराय बन गया।
