कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा की सत्ता आने के बाद से ही राजनीतिक खींचतान जारी है। पहले विधायकों फिर लोकसभा सांसदों और फिर राज्यसभा के तीन सांसदों के पाला बदलने के बाद से वहां राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा के चार सांसदों के बागी होने और फिर तीन के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से टीएमसी को करारा झटका लगा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी की राज्यसभा सांसद रहीं कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद रिक्त को लेकर रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। हालांकि, इसी क्रम में पार्टी संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। ऐसे में संगठन के सक्रिय नेता कुलदीप माइती की भूमिका अहम मानी जा रही है। कहा तो ये भी जा रहा है कि भविष्य में भाजपा के बैनर तले चुनावी मैदान में भी दिख सकते हैं।
उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत से कमर कस ली है। पार्टी ने ऐलान किया है कि इस चुनाव में संगठन के नेता कुलदीप माइती अहम भूमिका निभाएंगे। कुलदीप माइती ने कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। TMC की तुष्टिकरण की राजनीति, भ्रष्टाचार और कुशासन से लोग त्रस्त हो चुके हैं। CAG रिपोर्ट ने भी ममता सरकार की पोल खोल दी है।
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जनता के पैसे की लूट अब और बर्दाश्त नहीं होगी।" उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का काम करेंगे। "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। लेकिन बंगाल में ममता दीदी विकास के नाम पर सिर्फ धोखा दे रही हैं। विधानसभा उपचुनाव में जनता इसका जवाब वोट से देगी।
कुलदीप माइती ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी खजाने में घोटाला, शिक्षा और स्वास्थ्य में धांधली, ये सब CAG रिपोर्ट में साफ है। भाजपा चुप नहीं बैठेगी। हम सड़क से लेकर सदन तक ममता सरकार से सवाल पूछेंगे और हल्ला बोल करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बूथ स्तर तक जाकर लोगों को जागरूक करें।
ये चुनाव सिर्फ 2 सीट का नहीं है। ये बंगाल के भविष्य का चुनाव है। TMC की गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार के खिलाफ ये जनता का जनादेश होगा। कुलदीप माइती ने भरोसा जताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के आशीर्वाद से इस विधानसभा उपचुनाव में कमल जरूर खिलेगा। कार्यकर्ता के रूप में जनता की सेवा के लिए मैदान में हूं। TMC की नींद उड़ाने और बंगाल में बदलाव लाने के लिए हम तैयार हैं।
दो विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव की स्थिति
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव कराया जाना तय है। हालिया विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा की प्रचंड बहुमत से सरकार बनी थी। इस चुनाव में सीएम सुवेंदु अधिकारी और 'आम जनता उन्नयन पार्टी'के हुमायूं कबीर ने दो-दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में अब नियमानुसार उन्हें एक-एक सीट छोड़नी होगी। जिससे रिक्त हुई दो विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी इसके लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। अब भाजपा का पूरा ध्यान इन दो सीटों पर है। भारतीय जनता पार्टी इसके लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। यही कारण है कि भले ही अभी इस उपचुनाव को लेकर कोई गहमागहमी नहीं है, लेकिन भाजपा ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और पार्टी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है।
