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BJP का ‘प्लान बंगाल’: माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल तैयार, 300 रैलियां, 12 हजार नुक्कड़ सभाएं और 9 परिवर्तन यात्राएं

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मैदान में उतरने से पहले एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है। पार्टी का दावा है कि इस बार वह राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर सीधा संवाद स्थापित करेगी।

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बीजेपी फाइल फोटो-Twitter

West Bengal Assembly elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पार्टियां जुट गई हैं। खासकर, टीएमसी और ममता दीदी का काट ढूंढने के लिए बीजेपी 'बंगाल प्लान' पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि मार्च और अप्रैल माह के बीज चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं, ताकि 7 मई से पहले नई विधानसभा का गठन किया सके है। पार्टियों के साथ चुनाव आयोग तमाम प्रक्रियाएं तेजी से पूर्ण करने की दिशा में काम कर रहा है। लेकिन बीजेपी बंगाल का किला भेदने के लिए एड़ी चोटी की आजमाइश का प्लान तैयार कर रही है, जिसके तहत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से 300 से अधिक रैलियों का खाका बनाया गया है।

300 रैलियों का खाका, 12 हजार नुक्कड़ सभाओं का लक्ष्य

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, राज्य में कुल 300 रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। बड़े क्षेत्रों में एक से अधिक सभाएं भी प्रस्तावित हैं।

•कुल रैलियां: 300

•पीएम की रैलियां: 12 से अधिक

•बड़ी जनसभाएं: 60+

•नुक्कड़ सभाएं: 12,000 से ज्यादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं चुनावी मोर्चा संभालेंगे और एक दर्जन से अधिक रैलियों को संबोधित कर सकते हैं। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह को अभियान की कमान सौंपी गई है। बीजेपी अपने अभियान की औपचारिक शुरुआत 1 मार्च से ‘परिवर्तन यात्रा’ के जरिए करने जा रही है। पूरे बंगाल में 9 परिवर्तन यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनका लक्ष्य हर विधानसभा सीट तक पहुंचना है।

•अमित शाह दक्षिण 24 परगना के रायदिघी से यात्रा शुरू करेंगे।

•केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा नदिया जिले से यात्रा की शुरुआत करेंगे।

•नितिन नबीन कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर से कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

•रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2 मार्च को संदेशखाली से यात्रा का शुभारंभ करेंगे।

•केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खड़गपुर से,

•केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी आसनसोल से,

•और देवेंद्र फड़नवीस बीरभूम से यात्रा की शुरुआत करेंगे।

पार्टी नेताओं का कहना है कि यह यात्रा “परिवर्तन” का संदेश लेकर घर-घर पहुंचेगी। बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय महासचिवों और केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने अभियान के संचालन के लिए एक विशेष कोऑर्डिनेशन टीम भी बनाई है। दूसरे राज्यों के अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी बंगाल में तैनात किया गया है ताकि बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत की जा सके। छोटी सभाओं और नुक्कड़ बैठकों के जरिए कार्यकर्ता प्रधानमंत्री का संदेश घर-घर पहुंचाएंगे। पार्टी इसे “माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल” बता रही है।

विपक्ष का पलटवार

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के इस अभियान को “बाहरी नेताओं का शो” करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष का कहना है कि बीजेपी के पास स्थानीय मुद्दों का ठोस समाधान नहीं है और बड़े आयोजनों के जरिए सिर्फ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

चुनावी जंग दिलचस्प

स्पष्ट है कि बीजेपी इस बार बंगाल में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। बड़े पैमाने पर रैलियों, परिवर्तन यात्राओं और नुक्कड़ सभाओं के जरिए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब देखना होगा कि ‘प्लान बंगाल’ सियासी जमीन पर कितना असर डालता है और क्या यह अभियान चुनावी नतीजों में तब्दील हो पाता है।

Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारी author

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था... और देखें

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