Maharashtra News: महाराष्ट्र के वर्धा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। आर्वी तालुका के तलेगांव श्यामजी पंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक अपराधी ने पुलिस की मौजूदगी में ही ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सा अधिकारी को थप्पड़ मार दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पुलिस के सामने ही यह दुस्साहस साफ दिखाई दे रहा है। इस घटना के बाद पूरे चिकित्सक समुदाय में भारी गुस्सा है।
मेडिकल परीक्षण के दौरान हुआ अचानक हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी कादिर अली रज्जाक अली, जो कि स्थानीय निवासी है और जिस पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, उसे किसी मामले में अदालत में पेश किया जाना था। अदालत में पेश करने से पहले कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका मेडिकल परीक्षण भी होना था। इसी सिलसिले में पांच पुलिसकर्मी आरोपी को लेकर तलेगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। पीड़ित डॉक्टर का नाम श्रद्धा भुमरे है, जिन्होंने पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए आरोपी की मेडिकल जांच पूरी की और औपचारिकता के तहत उससे दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए। लेकिन जैसे ही प्रक्रिया पूरी हुई, गुस्से में बौखलाए आरोपी कादिर अली ने अचानक आपा खो दिया और डॉक्टर को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। अचानक हुई इस हरकत से वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी पूरी तरह हैरान रह गए। हालांकि, इसके तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।
चिकित्सक संघ का कड़ा विरोध, OPD रखने का ऐलान
इस निंदनीय घटना के बाद सरकारी और राजपत्रित चिकित्सा अधिकारियों में उबाल आ गया है। राजपत्रित चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रतिनिधियों ने तुरंत जिला कलेक्टर से मुलाकात की और एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा। संघ ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जब अस्पताल में पांच पुलिसकर्मी पहले से तैनात थे, तो ऐसी सुरक्षा चूक कैसे हो गई। यह साफ तौर पर पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। चिकित्सकों ने मांग की है कि आरोपी कादिर अली पर सख्त से सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए और साथ ही सुरक्षा में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाए। चिकित्सक संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक स्वास्थ्य केंद्र की बाहरी रोगी विभाग (OPD) सेवाएं बंद रखी जाएंगी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
