दिवाली का त्योहार घर को रोशनी, रंगों और खुशियों से सजाने का अवसर है। इस दिन घर के हर कोने को खास अंदाज में सजाया जाता है, लेकिन पूजा घर की सजावट का अपना अलग महत्व होता है। अगर आप भी इस दिवाली अपने मंदिर को एक नया लुक देना चाहते हैं, तो महंगी सजावट पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान और क्रिएटिव ट्रिक्स की मदद से आप पूजा घर को बेहद खूबसूरत बना सकते हैं।
दिवाली पर पूजा घर के प्रवेश द्वार को फूलों से सजाना एक शानदार आइडिया है। इसके लिए गेंदे के फूलों और आम के पत्तों से बना तोरण लगा सकते हैं। इससे पूजा घर में पारंपरिक और उत्सवी माहौल बनेगा। ध्यान रखें कि फूल ताजे हों और सजावट इतनी ज्यादा न हो कि आने-जाने में परेशानी हो।
दिवाली पर रोशनी का विशेष महत्व है, इसलिए पूजा घर की सजावट में दीयों को जरूर शामिल करें। मंदिर के आसपास पीतल या मिट्टी के दीये रखें। आप मंदिर की बैकग्राउंड दीवार पर भी लाइट्स लगा सकते हैं। हालांकि, दीयों को पर्दों, फूलों और बिजली के तारों से दूर रखें। लाइट्स लगाते समय भी बिजली की सुरक्षा का ध्यान रखें।
पूजा घर के सामने बनी रंगोली सजावट में चार चांद लगा सकती है। इसके लिए आपको बहुत बड़ी या जटिल डिजाइन बनाने की जरूरत नहीं है। कमल, स्वास्तिक, कलश या फूलों की आकृति वाली छोटी रंगोली बना सकते हैं। अगर जगह कम है, तो एक छोटी गोल रंगोली भी बेहतरीन विकल्प है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका पूजा घर सबसे अलग नजर आए, तो उसकी बैकग्राउंड दीवार को सजाने पर ध्यान दें। इसके लिए लाल, पीले, सुनहरे या क्रीम रंग के कपड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि कपड़े और सजावटी सामग्री को दीयों या अन्य गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों के पास न लगाएं।
पूजा घर की खूबसूरती सिर्फ लाइट्स और फूलों से नहीं बढ़ती, बल्कि पूजा में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी इसकी सजावट का अहम हिस्सा होती हैं। पीतल की घंटी, कलश, दीपक और पूजा की थाली को अच्छी तरह साफ करके व्यवस्थित ढंग से रखें।
दिवाली के मौके पर पूजा घर में साफ और सुंदर आसन बिछाना भी सजावट का आसान तरीका है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों के नीचे लाल, पीले या सुनहरे रंग का साफ कपड़ा बिछा सकते हैं। पूजा करने के लिए बैठने की जगह पर भी एक सुंदर आसन रखें। अगर मंदिर में पर्याप्त जगह है, तो पारंपरिक कढ़ाई वाले कपड़े का इस्तेमाल करें। इससे पूजा स्थल को नया और आकर्षक लुक मिलेगा। बस ध्यान रखें कि कपड़ा साफ हो और पूजा के दौरान व्यवस्थित रहे।