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'मोहम्मद इकबाल भीख मांगते हैं', 'राम ने यादव को मारा'...वोटिंग लिस्ट में मिली गड़बड़ियों पर अब जिम्मेदार अधिकारियों को नापने की तैयारी!

UP Voter List: वोटर लिस्ट में सॉफ्टवेयर के गलत अनुवाद से 'रामहित यादव' का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ दर्ज होने पर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

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वोटिंग लिस्ट में मिली गड़बड़ियों पर अब जिम्मेदार अधिकारियों को नापने की तैयारी! (फोटो- X)

UP Voter List: उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव के लिए वोटिंग हो गई है, अब नतीजों का इंतजार है। लेकिन इस चुनाव में मतदाताओं के नामों के साथ जो खेल हुआ है, उसे चुनाव आयोग की साख पर सवाल खड़े किए हैं। 'राम ने यादव को मारा', पिता का नाम 'बी.कॉम', 'मोहम्मद इकबाल भीख मांगते हैं' जैसे नाम दर्ज मिले। जब चुनाव आयोग पर सवाल उठने लगे तो उन्हें इस गलती का पता चला और फिर सॉफ्टवेयर पर गलती की ठिकरा फोड़ दिया गया। अब अधिकारियों से जवाब तलब भी किया गया।

डीएम से स्पष्टीकरण तलब, सुधार के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने उन सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM/DEO) से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है, जहां इस तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं। इसके साथ ही आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि मतदाता सूची में आई इन तकनीकी और भाषाई त्रुटियों को तुरंत जांचकर दुरुस्त किया जाए। चुनाव आयोग की ओर से मतदान के दौरान ऐसे मतदाताओं के लिए आदेश दिए गए थे कि इनको वोट देने से नहीं रोका जाए।

158 नाम थे गड़बड़

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में कुल 14,81,310 प्रविष्टियों में से 158 स्थानों पर नामों और रिश्तेदारों के विवरण में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं, जिन्हें स्वीकार करते हुए प्रशासन ने संबंधित मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों से जवाब तलब किया है। सूची में ‘Ram Ne Yadav Ko Mara’ और उनके पिता का नाम ‘Murkh Chand Yadav’, तथा ‘Ram Ne Sharma Ko Mara’ के साथ पिता के स्थान पर ‘B.Com’ दर्ज होने जैसी हास्यास्पद गड़बड़ियों ने सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अंग्रेजी में दर्ज नामों को हिंदी लिपि के उच्चारण अनुसार बदलने की तकनीकी प्रक्रिया में आई खराबी के कारण ये अजीबोगरीब नाम दर्ज हो गए, जिन्हें अब दुरुस्त किया जा रहा है।

लेकिन कुछ मामलों में सॉफ्टवेयर ने शब्दों का ट्रांसलिटरेशन करने के बजाय उनका अर्थ अनुवादित कर दिया। उदाहरण के लिए, यदि ‘Ramhit Yadav’ गलती से ‘Ram hit Yadav’ टाइप हो गया, तो सॉफ्टवेयर ने ‘hit’ का अर्थ ‘मारा’ निकाल लिया। इस तरह नाम ‘राम ने यादव को मारा’ बन गया। इसी तरह, पिता के नाम वाले कॉलम में ‘B.Com’ दर्ज होने को अधिकारियों ने मानवीय गलती या लापरवाही से जुड़ा मामला बताया है।

पीलीभीत में भी मतदाता सूची पर उठे सवाल

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है। जो बाद में सच भी निकला, जिसके बाद एक्शन भी लिया गया है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की कराई गई है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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