लोकसभा चुनाव 2024 (Loksabha Election 2024) में मध्य प्रदेश की बिदिशा सीट (Vidisha Loksabha Seat) पर सभी की निगाहें हैं। यहां पर मुकाबला बड़ा ही दिलचस्प होने वाला है। एमपी की सबसे प्रतिष्ठित सीट विदिशा में वीजेपी का दबदबा रहा है। यहां से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम घोषित होने से यह पहले से ही चर्चा में बना हुआ है। लेकिन, जब यहां कांग्रेस ने इस सीटी के लिए एक बार फिर पूर्व सांसद प्रतापभानू शर्मा को उम्मीदवारो में शामिल किया तो तबसे यह सुर्खियों में है। विदिशा में अब सीधा मुकाबला एक पूर्व मुख्यमंत्री और एक पूर्व सांसद प्रतापभानू शर्मा के बीज बना हुआ है। आपको बता दें कि चार बार सांसद रह चुके शिवराज चौहान यहां मामा के नाम से जाने जाते हैं। वहीं पूर्व सांसद प्रतापभानू शर्मा दादा के नाम से पहचाने जाते हैं। 4 जून को लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम घोषित होगा तो पता चल जाएगा कि विदिशा की जनता ने इस बार किसे चुना है। चलिए जानते हैं विदिशा का पूरा सियासी गणित-
विदिशा लोकसभा सीट से उम्मीदवारों की बात करें तो केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है। दूसरी तरफ कांग्रेस (Congress) ने प्रतापभानु शर्मा (Pratap Bhanu Sharma) को प्रत्याशी बनाया है। मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने किशन लाल लाडिया (Kishan Lal Ladiya) को विदिशा से टिकट दिया है। लेकिन सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही दिख रहा है।
ये है विदिशा सीट के सभी उम्मीदवारों की लिस्ट
- शिवराज सिंह चौहान/BJP
- प्रतापभानु शर्मा/INC
- किशन लाल लाडिया/BSP
- धर्मवीर भारती/ABHPP
- धर्मेन्द्र सिंह पंवार/RTRP
- कमलेश कुमार गौड़/JPJD
- सीमा शर्मा/SPKP
- भीकम सिंह कुशवाह/MAHWP
- भाई मुंशीलाल सिलावट/PUBPP
- अब्दुल जब्बार/IND
- अब्दुल राशिद/IND
- धूल सिंह धम्मा/IND
शिवराज सिंह चौहान
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साल 2024 का लोकसभा इलेक्शन विदिशा से लेड़ने वाले हैं। विदिशा से चार बार सांसद रह चुके हैं। पिछले साल मध्य प्रदेश के चुनावों में पार्टी की भारी जीत के बाद मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था। उन्होंने 13 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वंयम सेवक संघ में शामिल हो गए थे। साल 1991 में उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था विदिशा सीट से जीत हासिल की थी। साल 1992 में उन्हें भाजपा का राज्य महासचिव नियुक्त किया गया। सिंह चौहान ने साल 1996, 1998, 1999 और 2004 में विदिशा से चुनाव जीते थे।
साल 2005 में उन्होंने मध्य प्रदेश में बीजेपी अध्यक्ष बने और उसी साल वह मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शिवराज सिंह चौहान, जिन्हें मामा के नाम से जाना जाता है। वह साल 2018 तक मुख्यमंत्री रहे। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया और सिंह चौहान के के नेतृत्व में चुनाव लड़ा। जिसमें पार्टी ने 163 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही।
प्रताप भानू शर्मा
प्रताप भानू शर्मा विदिशा के रहने वाले हैं। वह 7वीं और 8वीं लोकसभा में विदिशा के सांसद रह चुके हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले प्रताप भानू शर्मा एक बड़े बिजनेसमैन भी रहे हैं। शर्मा सांसद थे तब उन्होंने स्वरोजगार योजनाओं को चलाया और उद्योग को बढ़ाने के लिए काम किया था।
