वाराणसी

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ का काशी में असर, गंगा में संचालित नावों पर लगेगी रेट लिस्ट; मार्केट रेट से इतना ज्यादा होगा किराया

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ का असर वाराणसी तक रहेगा। महाकुंभ के दौरान वाराणसी में 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। लिहाजा, प्रशासन गंगा पर संचालित नावों के लिए रेट लिस्ट निर्धारित करेंगे।

Image

महाकुंभ मेला

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। आस्था की संगम नगरी प्रयागराज में 13 जनवरी को लगने जा रहे महाकुंभ को लेकर एक पूरा महाकुंभ नगर बसा दिया गया है। प्रयागराज में विभिन्न अखाड़ों का छावनी प्रवेश भी शुरू हो चुका है। भव्य और दिव्य पेशवाई ने आमजन को मुग्ध किया है तो वहीं वाराणसी में भी कुंभ का व्यापक असर देखा जा रहा है। महाकुंभ की तैयारियों के लिए केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि वाराणसी में भी लगातार अधिकारियों की बैठक हो रही है। पूरे कुंभ के दौरान वाराणसी में 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में चलने वाली सभी मोटर बोट पर रेट लिस्ट लगाने का फैसला किया है जो नाव चलाने वालों के साथ पर्यटकों के लिए भी बहुत फायदे का सौदा साबित होने जा रहा है।

संसाधनों की मांग बहुत बढ़ेगी

किसी भी तीर्थ पर विशेष अवसर के समय जुटने वाली बड़ी भीड़ स्थानीय साधन और संसाधनों की मांग बहुत बढ़ा देती है। ऐसे में श्रद्धालुओं की ओर से भी कई बार यह शिकायत आती है कि उनसे किसी सेवा और चीज के बदले बहुत अधिक चार्ज कर लिया गया। उनको ठगी का शिकार होने का भय रहता है। वहीं, मांग में वृद्धि के कारण स्थानीय दुकानदारों या सेवा प्रदाताओं को शिकायत होती है कि उनको ग्राहकों से उचित रकम नहीं मिल पा रही है।

ऐसे में सरकार का ये फैसला सभी पक्षों के लिए सही है। इस बारे में बात करते हुए स्थानीय निवासी गौरव द्विवेदी ने आईएएनएस को बताया कि काशी के घाटों पर अब नाव पर रेट लिस्ट चिपकेगी। यह सरकार की तरफ से बहुत अच्छी पहल है। क्योंकि अभी यह सीजन चल रहा है और बनारस में अगर देखा जाए तो कुछ दिनों से पर्यटन एकाएक बढ़ रहा है। यदि कोई ऐसा पर्यटक बनारस आता है जिसकी कोई जान-पहचान नहीं होती है तो सबसे बड़ी शिकायत यही सामने आती है कि नाव वालों ने ओवरचार्ज कर दिया। ऐसे में यह सरकार की बड़ी अच्छी पहल है।"

उन्होंने आगे कहा कि रेट लिस्ट के हिसाब से पेमेंट तय हो जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को अगर देखा जाए तो ये बहुत अच्छी चीज है। साथ ही इसमें नाव वालों का भी पक्ष देखते हुए दाम को मार्केट रेट से थोड़ा सा ऊपर रखा गया है। क्योंकि सीजन के समय में बहुत पर्यटक आते हैं जिससे डिमांड बढ़ते ही रेट काफी ज्यादा हो जाते हैं। ऐसे में नाव वालों को भी इस रेट लिस्ट से शिकायत नहीं होगी। सरकार ने काफी अच्छे से रेट तय किए हैं और देखा जाए तो टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article