वाराणसी

बनारस की सबसे व्यस्त सड़क होगी चौड़ी, दुकानदारों की बढ़ी धड़कनें

लहुराबीर से गिरजाघर चौराहे तक 3 किलोमीटर के दायरे में सड़क को चौड़ा किया जाएगा। प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत 63 करोड रुपए बताई जा रही है। इसमें से 52 करोड रुपए भूमि और भवनों के अधिग्रहण पर खर्च होगा। 7 करोड रुपए यूटिलिटी की शिफ्टिंग पर खर्च होंगे जबकि तीन करोड रुपए सिविल वर्क पर खर्च होंगे।

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बनारस की ये सड़क होगी चौड़ी

वाराणसी : काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों तक श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला किया है। दालमंडी के बाद अब शहर के दिल कहे जाने वाले लहुराबीर से गोदौलिया स्थित गिरजाघर चौराहे तक सड़क चौड़ी की जाएगी। इसके तहत डिवाइडर के दोनों तरफ सात मीटर सड़क चौड़ी की जाएगी। सरकार के इस फैसले के बाद दुकानदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।

ट्रैफिक जाम के मद्देनजर लिया गया फैसला

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद से वाराणसी में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से मंदिर के आसपास के क्षेत्र में जाम की समस्या लगी रहती है। इसी के मद्देनजर अब लहुराबीर से गिरजाघर चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण करने का फैसला किया गया है। लहुराबीर से गिरजाघर चौराहे तक 3 किलोमीटर के दायरे में सड़क को चौड़ा किया जाएगा। प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत 63 करोड रुपए बताई जा रही है। इसमें से 52 करोड रुपए भूमि और भवनों के अधिग्रहण पर खर्च होगा। 7 करोड रुपए यूटिलिटी की शिफ्टिंग पर खर्च होंगे जबकि तीन करोड रुपए सिविल वर्क पर खर्च होंगे।

फैसले से नाखुश हुए स्थानीय व्यापारी

वाराणसी जिला प्रशासन के प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट को लेकर लोगों के बीच में अलग-अलग राय है। कुछ लोगों का यह मानना है की शहर के विकास के लिए सड़कों का चौड़ीकरण जरूरी हो गया है। जबकि स्थानीय व्यापारी इसे गलत कदम बता रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। लोगों के सामने रोजी-रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। विकास के नाम पर दुकानदारों को उजाड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। बेहतर होता सड़क को चौड़ा करने की बजाय सरकार दूसरे विकल्प की तलाश करती।

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