वाराणसी

Varanasi: अनपढ़ का धब्बा मिटा रहीं महिलाएं, पढ़-लिखकर नाम कर रही रोशन; एक पहल ने बदल दी गांव की सूरत

वाराणसी के भुल्लनपुर में एक पहल ने गांव की सूरत बदल दी। गांव की रहने वाली बीना सिंह ने निरक्षर महिलाओं के लिए एक पहल की शुरुआत की, जिसके तहत अनपढ़ महिलाएं पढ़ लिख रही हैं और अपने ऊपर लगे अनपढ़ का धब्बा मिटा रही हैं। इससे काफी महिलाओं को फायदा पहुंचा है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

वाराणसी के भुल्लनपुर क्षेत्र की रहने वाली समाज सेविका बीना सिंह ने एक अनूठा प्रयास शुरू किया है। उन्होंने गांव की अंगूठा छाप महिलाओं को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। अपने प्रयासों से वो इस गांव को निरक्षर से साक्षर बनाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।

पढ़-लिखकर नाम कर रही रोशन

बीना सिंह के इस प्रयास से भुल्लनपुर गांव में कल तक अंगूठा छाप, अनपढ़-गवार कहलाने वाली महिलाएं अब हस्ताक्षर करना सीख गई हैं। जो महिलाएं कल तक अपने हाथों से कलम नहीं पकड़ती थी, वह आज पढ़-लिखकर समाज में अपना नाम रोशन कर रही हैं। बीना की पाठशाला में 50 साल से लेकर 95 साल तक की वृद्ध महिलाएं पढ़ाई कर रही हैं और अपने ऊपर लगे अनपढ़ के धब्बे को हटाने में जुटी हैं।

एक पहल ने बदली गांव की सूरत

बीना सिंह जब शादी के बाद गांव आईं तो महिलाओं के अनपढ़ होने का दर्द उन्हें परेशान करने लगा। वह खुद पोस्ट ग्रेजुएशन से लेकर प्रोफेशनल कोर्स भी कर चुकी हैं। वह यह जानती थी कि महिलाओं का शिक्षित होना कितना जरूरी है और यही वजह थी कि अनपढ़ वृद्ध महिलाओं को उन्होंने शिक्षित करने का मन बनाया।

बीना की पाठशाला का सकारात्मक असर

बीना सिंह गांव-गांव और घर-घर जाकर वृद्ध महिलाओं को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने लगीं और फिर अपने घर के एक कमरे में वृद्ध महिलाओं के लिए पाठशाला शुरू की। इसके बाद देखते ही देखते वहां पढ़ने वाली महिलाओं की संख्या पांच से 50 और 50 से 65 हो गई। मौजूदा समय में वह हर रोज शाम को दो घंटे शिक्षा देने का काम करती हैं।

बीना सिंह वृद्ध महिलाओं को शिक्षित करने के लिए आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इस मुहिम को उनके पति भी उनका पूरा सहयोग करते हैं। पति चंद्रशेखर सिंह की अगर हम बात करें तो वह एक छोटी सी डेयरी चलाते हैं।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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