वाराणसी

Best Places to Visit Near Varanasi 2023 : चंदौली की ये वादियां हैं सबसे हसीन, झरने जीत लेंगे आपका दिल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 6, 2023, 05:55 PM IST

Best Places to Visit Near Varanasi 2023 : वाराणासी से करीब 50 किमी की दूरी पर मौजूद चंदौली की हसीन वादियों में बेहद खूबसूरत नजारों के साथ ऊंचाई से गिरने वाले दूधिया झरनों की आवाज आपके कानों में मधुर रस घोल देगी। यहां राजदरी, देवदरी, लतीफशाह, मूसाखाड़, औरवाटांड़ आदि बेस्ट टूरिस्ट स्पॉट मौजूद हैं। यहां जाने के लिए आपको वाराणसी से महज दो घंटे का समय लगेगा।

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वाराणासी के निकट चंदौली की हसीन वादियों में बिखरा पड़ा है कुदरत का बेहद खूबसूरत खजाना। (सांकेतिक तस्वीर)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • वाराणसी से करीब 50 किमी की दूरी पर मौजूद हैं चंदौली की हसीन वादियां
  • ऊंचाई से गिरने वाले झरने की आवाज आपके कानों में मधुर रस घोल देगी
  • कौमी एकता की नजीर हैं चंदौली की पहाड़ियां

Best Places to Visit Near Varanasi 2023 : इस बार न्यू ईयर पर फिलहाल जारी विंटर वैकेशन को लेकर अगर आप बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणासी घूमने का प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए एक खास जगह भी वहां के आसपास मौजूद है। हालांकि वाराणासी के गंगा घाट व दूर तक फैली चमकीली रेती तो सभी को लुभाती ही है। लेकिन इसके अलावा भी बनारस के आसपास कुदरत की खूबसूरती बिखरी पड़ी है। आपको बताने जा रहे हैं वाराणसी से करीब 50 किमी की दूरी पर मौजूद चंदौली की हसीन वादियों के बारे में।

जहां आपको बेहद खूबसूरत नजारों के साथ ऊंचाई से गिरने वाले दूधिया झरनों की आवाज सुनाई देगी। बनारस से 30 से 50 किलोमीटर दूरी पर मौजूद राजदरी, देवदरी, लतीफशाह, मूसाखाड़, औरवाटांड़ आदि बेस्ट टूरिस्ट स्पॉट मौजूद हैं। यहां जाने के लिए आपको महज दो घंटे का समय लगेगा। सैलानियों के लिए अनुपम सैरगाह ये जगहें कभी बनारस का ही भूभाग थीं, जो अब चंदौली जनपद का हिस्सा हो गई हैं।

झरनों से गिरता पानी करता है सैलानियों को आकर्षित

चंदौली की इन हसीन वादियों में विजिट करने के बाद आपको वाटर फॉल से गिरता सफेद दूधिया पानी दिखेगा। जो कि यहां का प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा आपको थोड़ी ही दूरी पर मौजूद राजदरी, देवदरी जलप्रपात, चंद्रप्रभा डैम, मूसाखाड़ डैम, लतीफशाह डैम, नौगढ़ डैम, औरवाटांड़ देखने को मिलेगा। अभी सर्दियों का मौसम अपने पूरे परवान पर है। इस सीजन में पहाड़ों में जमी ओंस की परतें, धुंध व वाटर फॉल से गिरते पानी को देखने के लिए सैलानियों की भीड़ लगी रहती है। विंध्य पर्वत मालाओं में मौजूद ये टूरिस्ट स्पॉट हरे-भरे जंगलों के बीच बहते झरनों और उनसे उठती फुहारें अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए फेमस हैं।

कौमी एकता की नजीर हैं चंदौली की पहाड़ियां

चंदौली में स्थित विंध्य की पहाड़ियां कौमी एकता की नजीर हैं। यहां हिंदू मंदिरों के अलावा बौद्ध व मुस्लिम समुदाय की आस्था के प्रतीक स्थल मौजूद हैं। गांव हेतिमपुर में चंद्रप्रभा नदी के किनारे विराजमान स्वयंभू जागेश्वर नाथ मंदिर में शिवरात्रि और सावन में मेला लगता है। जहां पर हजारों श्रद्धालु शीश झुकाने आते हैं। वहीं राजदेवा पहाड़ी की गुफाओं में बौद्ध स्थल मौजूद है। दूसरी ओर चकिया में कौमी एकता के प्रतीक बाबा लतीफशाह की मजार है। यहां पर सभी समुदाय के लोग चादर चढ़ाने आते हैं। वन्यजीव अभयारण्य भी देखने लायक खूबसूरत जगहों में आता है। यह हिल स्‍टेशन गुरुग्राम से 270 किमी दूर स्थित है।
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